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भारत-नेपाल सीमा पर कद्दू के बीजों की 'सीक्रेट डिलीवरी', पुलिस-कस्टम के रेड में बड़ा खुलासा

Published: Wed, 28 Oct 2026 03:01 PM (IST)

भारत-नेपाल सीमा पर कद्दू के बीज की लगातार बरामदगी ने सीमा पार तस्करी नेटवर्क पर सवाल उठाए हैं। अगस्त से ...और पढ़ें

यह तस्वीर AI द्वारा बनाई गई है।

यह तस्वीर AI द्वारा बनाई गई है।

HighLights

  1. अगस्त से अक्टूबर के बीच कद्दू बीज की कई खेपें पकड़ी गईं।

  2. बाइक, ट्रक, डीसीएम से तस्करी का प्रयास, कई गिरफ्तार।

  3. बीज के स्रोत और तस्कर नेटवर्क की जांच तेज हुई।

जागरण संवाददाता, नौतनवा। भारत-नेपाल सीमा पर कद्दू के बीज की खेप पकड़े जाने के लगातार सामने आ रहे मामलों ने सीमा पार माल की आवाजाही और निगरानी पर सवाल खड़े किए हैं। अगस्त से अक्टूबर के बीच अलग-अलग स्थानों पर बीज की बड़ी खेपें पकड़ी गईं।

कहीं बाइक से बीज ले जाते लोग मिले, तो कहीं ट्रक और डीसीएम में लदी बोरियां बरामद हुईं। अब बीज के स्रोत, उसे सीमा पार लाने के तरीके और आगे पहुंचाने वाले नेटवर्क की जांच अहम हो गई है।

31 अगस्त को 66वीं वाहिनी एसएसबी और पुलिस की संयुक्त टीम ने सोनौली कोतवाली क्षेत्र के खनुआ गांव के बजरडीहवा टोले में नो-मेंस लैंड के पास छह बोरियों में 240 किलो कद्दू के बीज बरामद किए। मौके से राम करन यादव और गनेश जायसवाल को बाइक के साथ पकड़ा गया।

वे वैध कागजात नहीं दिखा सके। बीज, बाइक और दोनों व्यक्तियों को आगे की कार्रवाई के लिए नौतनवा कस्टम विभाग को सौंप दिया गया। 18 सितंबर को चंडीथान टोल प्लाजा के पास 12 पहिया टाटा ट्रक से 151 बोरियों में 6040 किलो बीज मिला।

एसएसबी ने ट्रक, बीज और दो व्यक्तियों को कस्टम विभाग को सौंपा। जांच में पता चला कि ट्रक नेपाल से सोनौली के रास्ते आया था और माल सिद्धार्थनगर के बांसी स्थित यदुवंशी ढाबे तक पहुंचाया जाना था।

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आठ अक्टूबर को सोनौली सीमा क्षेत्र में श्याम काट पुल के पास कथित अवैध गोदाम पर पुलिस और कस्टम विभाग की छापेमारी में डीसीएम पर लादी जा रही 260 बोरियां बरामद हुईं। चालक आगरा निवासी विनोद कुमार को गिरफ्तार किया गया। कस्टम एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर बीज के स्रोत और परिवहन की जांच शुरू हुई।

क्षेत्राधिकारी बसंत सिंह ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में तस्करी रोकने के निर्देश दिए गए हैं। अलग-अलग बरामदगियों के बीच संबंध है या नहीं, इसकी भी पड़ताल जरूरी है।

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