गोरखपुर में प्लेटफार्मों पर लग रहे कालम ने जगाई 'एफओबी' के जल्द निर्माण की उम्मीद, यात्रियों को मिलेगी राहत
गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर नए फुट ओवरब्रिज का निर्माण कार्य तेज हो गया है। प्लेटफार्मों पर कालम लगने से इसके ...और पढ़ें

प्लेटफार्म सात-आठ पर कालम लगाने का कार्य चल रहा। जागरण
HighLights
प्लेटफार्मों पर कालम लगने से एफओबी निर्माण में तेजी।
गोरखपुर स्टेशन पर नए एफओबी से यात्रियों को मिलेगी राहत।
मुख्य एफओबी तीन साल से बंद, यात्रियों को परेशानी।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। रेलवे स्टेशन पर नए फुट ओवरब्रिज (एफओबी) के निर्माण ने गति पकड़ ली है। प्लेटफार्मों पर लग रहे कालम ने जल्द निर्माण की उम्मीद जगा दी है। प्लेटफार्म नंबर एक, तीन-चार, पांच-छह और नौ पर कुल 27 कालम तैयार हो चुके हैं। प्लेटफार्म सात-आठ पर कालम लगाने का कार्य चल रहा है। कुल 29 कालम लगने हैं। कालम तैयार होने के बाद एफओबी की लांचिंग शुरू हो जाएगी।
दरअसल, रेलवे स्टेशन के एफओबी का नवनिर्माण दिसंबर 2025 में ही पूरा हो जाना था। पूर्व निर्धारित लक्ष्य बीत जाने के बाद दबाव बढ़ा तो निर्माण संगठन के उच्च अधिकारी ने कहा कि छठ पर्व तक निर्माण कार्य पूरा करा लिया जाएगा। छठ पर्व सिर पर है, लेकिन कार्य पूरा नहीं हो पाया। यात्री परेशान हैं। निर्माण कार्य की धीमी गति, गति शक्ति की सुस्त रफ्तार और यात्रियों की समस्याओं को दैनिक जागरण ने प्रमुखता से मुददा बनाया था।
अब कार्य की तेज चाल ने अगले साल तक निर्माण कार्य पूरा करने की आस जगा दी है। विश्वस्तरीय गोरखपुर जंक्शन से होकर रोजाना 100 से अधिक ट्रेनों का आवागमन होता है। करीब एक लाख लोग प्रतिदिन आवाजाही करते हैं। इन यात्रियों के लिए सिर्फ दो पतले एफओबी हैं। इन एफओबी के बीच लगभग एक किलोमीटर की दूरी है।
एफओबी से होकर प्लेटफार्मों तक आवागमन कराना किसी पहाड़ चढ़ने से कम नहीं होता है। त्योहारों में दो पतले एफओबी पर भीड़ बढ़ने पर दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। स्टेशन प्रबंधन और सुरक्षा बलों के माथे पर बल पड़ जाते हैं।
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तीन साल पहले बंद हुआ था रेलवे स्टेशन का मुख्य एफओबी
रेलवे स्टेशन का मुख्य एफओबी 16 सितंबर 2023 से बंद है। एफओबी बंद होने के तीन साल हो गए, लेकिन रेलवे प्रशासन अभी तक इसका विकल्प या नया एफओबी तैयार नहीं कर पाया। स्थिति यह है कि रेलवे स्टेशन के दो पतले फुट ओवरब्रिज से होकर हजारों लोग आवागमन करते हैं।
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एक तो विश्वस्तरीय स्टेशन पर सिर्फ दो एफओबी और ऊपर से लिफ्ट व एस्केलेटर की आए दिन खराबी, कोढ़ में खाज का काम करती है। रेलवे स्टेशन पर की गई जगह-जगह बैरिकेडिंग, खाेदे जा रहे गड्ढे, तोड़-फोड़ और कच्छप गति से चल रहे भवनों के निर्माण कार्य ने यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
