भारत-नेपाल सीमा पर गंडक के रास्ते बगहा पहुंचा चाइनीज लहसुन, गोदाम से 60 बोरे बरामद
पुलिस ने वाल्मीकिनगर में एक गोदाम से बड़ी मात्रा में चाइनीज लहसुन, सब्जियों के बीज और गुड़ बरामद किया है, ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
HighLights
वाल्मीकिनगर में चाइनीज लहसुन, बीज, गुड़ की बड़ी बरामदगी।
नेपाल से गंडक नदी के रास्ते हो रही थी अवैध तस्करी।
महराजगंज के आठ तस्करों सहित गोदाम मालिक नामजद।
संवाद सहयोगी, जागरण, बगहा (पश्चिम चंपारण)/महराजगंज। नेपाल सीमा पर स्थित वाल्मीकिनगर थाना क्षेत्र में जिला पुलिस ने छापेमारी कर बड़ी मात्रा में चाइनीज सामग्री बरामद की है। हवाईअड्डे के पास राजकुमार नाम के व्यक्ति के गोदाम से 60 बोरे चाइनीज लहसुन, 298 बोरे विभिन्न सब्जियों के बीज और 104 बोरे गुड़ बरामद किए गए।
मौके से बंगाल नंबर का एक ट्रक भी जब्त किया गया है। पुलिस ने बरामद सामग्री और ट्रक को कस्टम विभाग के हवाले कर दिया है। एसपी राजेश कुमार ने बताया कि 16 सितंबर की रात सूचना मिली थी कि गंडक नदी के रास्ते नेपाल से चाइनीज लहसुन समेत अन्य प्रतिबंधित सामग्री वाल्मीकिनगर थाना क्षेत्र में पहुंचाई गई है।
इसके बाद जिला सूचना इकाई की टीम और पुलिस पदाधिकारियों की टीम गठित कर छापेमारी का निर्देश दिया गया। इसी दौरान जानकारी मिली कि सामग्री हवाईअड्डे राजकुमार के गोदाम में रखी गई है। टीम ने गोदाम में छापेमारी की तो वहां से उक्त सामग्री बरामद हुई। सभी सामग्री कस्टम विभाग के बेतिया के प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार विद्यार्थी को सौंप दी गई।
थानाध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि कस्टम विभाग की कार्रवाई में इस धंधे में संलिप्त उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के ठूठीबारी कोतवाली क्षेत्र के लालपुर चटिया निवासी सुनील जायसवाल, लक्ष्मीपुर खुर्द निवासी अनिल यादव, निचलौल थाना क्षेत्र के धर्मौली निवासी अली हसन, अनूप यादव, संदीप यादव, मनोज यादव, संतोष, गोरख रौनियार और गोदाम मालिक राज कुमार सहित अन्य अज्ञात को नामजद किया गया है।
तस्करों ने बदला रास्ता, नारायणी से बिहार तक पहुंचाने लगे सामान
नेपाल से तस्करी कर बिहार के पश्चिम चंपारण के वाल्मीकिनगर तक चाइनीज लहसुन पहुंचाने के मामले में कस्टम की कार्रवाई में ठूठीबारी के लालपुर चटिया निवासी सुनील जायसवाल, लक्ष्मीपुर खुर्द निवासी अनिल यादव तथा निचलौल थाना क्षेत्र के धर्मौली निवासी अली हसन, अनूप यादव, संदीप यादव, मनोज यादव, संतोष और गोरख रौनियार लंबे समय से तस्करी के धंधे में लिप्त हैं। इसमें सुनील जायसवाल इस नेटवर्क का मुख्य सरगना है। जानकारी के अनुसार वह नेपाल के दो बड़े कारोबारियों के संपर्क में है, और उनके साथ मिलकर तस्करी को अंजाम देते हैं।

जिले में भारत-नेपाल सीमा पर चाइनीज लहसुन समेत अन्य सामान की लगातार बरामदगी और गोदामों पर छापेमारी के बाद तस्करों ने सड़क मार्ग से आवाजाही कम कर दी, लेकिन तस्करी का खेल बंद नहीं हुआ। इन दिनों इन तस्करों द्वारा नेपाल के गंडकी प्रदेश-4 क्षेत्र से नाव पर बड़ी मात्रा में तस्करी का माल लोड किया जाता है, और नाव त्रिवेणी पुल के नीचे से होते हुए वाल्मीकिनगर पहुंचती है, और भारत-नेपाल की सीमा से सटे नदी किनारे रात के अंधेरे में सीधे बिहार में माल की डिलीवरी कर दी जाती है।
नदी में तस्करी का दूसरा रास्ता नेपाल के नवलपरासी जिले का ठाड़ी घाट से भी है। यहां से सामान नाव पर लोड होने के बाद बेलवानी और सगरदीनही होते हुए भारत में प्रवेश करता है। इसके बाद पथलहवा के रास्ते सामान उतारकर निचलौल तहसील के बढ़या, डोमा, कलनहीं और चंदा गुलरभार तथा कुशीनगर के भेड़िहारी, मदनपुर, भैंसहां और हनुमानगंज तक पहुंचाया जाता है।
नदी के रास्ते तस्करी कर वाल्मीकिनगर के हवाईअड्डे के पास गोदाम से 60 बोरे चाइनीज लहसुन की बरामदगी में महराजगंज के आठ लोगों के नाम सामने आने के बाद निचलौल व ठूठीबारी पुलिस के साथ कस्टम विभाग भी सतर्क हो गया है।
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2018 में भी मिली थी बड़ी खेप
नारायणी नदी का इस्तेमाल पहले भी तस्करी के लिए होता रहा है। वर्ष 2018 में निचलौल पुलिस ने कुशीनगर के मदनपुर गांव के पास छितौनी बांध के समीप एक नाव से 120 बोरी काली मिर्च बरामद की थी। करीब 60 क्विंटल काली मिर्च की कीमत 50 लाख रुपये आंकी गई थी। पुलिस के पीछा करने पर तस्कर नाव छोड़कर नदी में कूदकर फरार हो गए थे। वर्तमान में नदी मार्ग से तस्करी की गतिविधियों ने सुरक्षा एजेंसियों के सामने निगरानी की नई चुनौती खड़ी कर दी है।
