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महराजगंज में साइबर ठगी पीड़ितों को घर बैठे मिलेगी फंसी रकम, मनी रेस्टोरेशन माड्यूल से मिलेगी राहत

Published: Fri, 18 Sep 2026 03:40 PM (IST)

महराजगंज में साइबर ठगी के शिकार पीड़ितों को अब फंसी हुई रकम वापस पाने के लिए पुलिस या बैंक के ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

HighLights

  1. साइबर ठगी की फंसी रकम अब घर बैठे मिलेगी वापस।

  2. मनी रेस्टोरेशन माड्यूल से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे पीड़ित।

  3. समय पर शिकायत करने से रकम वापसी प्रक्रिया होगी आसान।

जागरण संवाददाता, महराजगंज। साइबर ठगी के बाद खाते में फंसी रकम वापस पाने के लिए जिले के पीड़ितों को अब पुलिस कार्यालय और बैंक के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। जिले में नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) के तहत मनी रेस्टोरेशन माड्यूल (एमआरएम) की व्यवस्था शुरू हो गई है। इसके माध्यम से पुलिस की ओर से बैंक खाते में होल्ड कराई गई ठगी की रकम वापस पाने के लिए पीड़ित घर बैठे आनलाइन आवेदन कर सकेंगे।

यह सुविधा उन्हीं मामलों में मिलेगी, जिनमें पीड़ित ने साइबर ठगी होने के बाद समय रहते 1930 हेल्पलाइन या एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई हो और ठगी की रकम संबंधित बैंक खाते में होल्ड हो गई हो। आवेदन के लिए शिकायत का 14 अंकों का एक्नालेजमेंट नंबर जरूरी होगा। पीड़ित को एमआरएम पोर्टल पर जाकर एनसीआरपी शिकायत में दर्ज मोबाइल नंबर से लागिन करना होगा।

इसके बाद राइज रिफंड रिक्वेस्ट विकल्प चुनकर शिकायत संख्या दर्ज करनी होगी। ओटीपी से सत्यापन के बाद पैन कार्ड अपलोड करना होगा और जिस बैंक खाते में रकम वापस चाहिए, उसका विवरण देना होगा। आवेदन जमा होने के बाद मिलने वाली रिक्वेस्ट आइडी से आवेदन की स्थिति देखी जा सकेगी।

50 हजार तक में एफआइआर की जरूरत नहीं
किसी एक बैंक खाते में 50 हजार रुपये तक की होल्ड रकम होने पर एफआइआर या न्यायालय के आदेश की आवश्यकता नहीं होगी। पुलिस रिपोर्ट और क्षतिपूर्ति बंधपत्र के आधार पर रकम वापस की जा सकेगी। वहीं, किसी खाते में कुल होल्ड रकम 50 हजार रुपये से अधिक होने पर एफआइआर दर्ज होना जरूरी होगा।

आवेदन मिलने के बाद संबंधित पुलिस अधिकारी आवश्यक दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड करेंगे। सत्यापन पूरा होने पर बैंक पात्र रकम सीधे पीड़ित के खाते में भेजेगा। पूरी प्रक्रिया निश्शुल्क होगी। इससे साइबर ठगी के पीड़ितों को रकम वापस पाने में होने वाली अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिलेगी।

समय पर शिकायत करना सबसे जरूरी
साइबर थानाध्यक्ष रसीद खान ने बताया कि जिले में मनी रेस्टोरेशन माड्यूल की व्यवस्था शुरू हो गई है। इसका उद्देश्य साइबर ठगी के पीड़ितों को उनकी होल्ड धनराशि वापस पाने के लिए अनावश्यक भागदौड़ से राहत देना है। उन्होंने लोगों से अपील की कि साइबर ठगी होने पर बिना देरी किए 1930 हेल्पलाइन या एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। समय से शिकायत मिलने पर रकम को संबंधित खाते में होल्ड कराने के साथ उसे वापस दिलाने की प्रक्रिया भी आसान हो जाती है।