वोटर ID बनवाने वालों के लिए आया बड़ा अपडेट, जन सुविधा केंद्र पर भूल कर भी ना करें ये दो गलतियां
निर्वाचन आयोग मतदाता सूची में गलतियों और दोहरी प्रविष्टियों को रोकने के लिए जन सुविधा केंद्र (CSC) संचालकों को प्रशिक्षित करेगा।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।
HighLights
निर्वाचन आयोग CSC संचालकों को मतदाता सूची सुधार हेतु प्रशिक्षित करेगा।
फार्म-6 में गलतियों, दोहरी प्रविष्टियों पर रोक लगाने का प्रयास।
आवेदकों को सही मोबाइल नंबर, पूरा पता दर्ज करना अनिवार्य।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए फार्म-6 भरते समय होने वाली गलतियों और एक ही व्यक्ति के नाम की कई प्रविष्टियों पर रोक लगाने के लिए निर्वाचन आयोग जन सुविधा केंद्र (सीएससी) संचालकों को प्रशिक्षित करेगा।
आनलाइन आवेदन के बाद मोबाइल पर रेफरेंस नंबर का संदेश नहीं मिलने पर आवेदकों द्वारा दोबारा फार्म भरने से मतदाता सूची में बहुप्रविष्टियों की समस्या सामने आ रही है। इसे रोकने के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को जन सुविधा केंद्र संचालकों को प्रशिक्षित करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि फार्म-6 का अंतिम सबमिशन आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी के माध्यम से ई-साइन करने के बाद ही होता है। इसके बाद ही आवेदन का रेफरेंस नंबर जनरेट होता है। फार्म जमा होने की पुष्टि के लिए स्क्रीन पर संदेश भी प्रदर्शित होता है।
आवेदक को देना होगा स्क्रीनशॉट
ऐसे में मोबाइल पर संदेश नहीं मिलने का मतलब यह नहीं है कि आवेदन जमा नहीं हुआ है। नेटवर्क की समस्या के कारण कई बार मोबाइल पर रेफरेंस नंबर नहीं पहुंचता, जबकि वह स्क्रीन पर उपलब्ध रहता है। ऐसी स्थिति में जन सुविधा केंद्र संचालक को रेफरेंस नंबर नोट करके या उसका स्क्रीनशाट लेकर आवेदक को देना होगा, ताकि वह दोबारा आवेदन न करे।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि फार्म-6 में आवेदक या उसके संबंधी का मोबाइल नंबर दर्ज किया जा सकता है। यह नंबर आधार से जुड़े मोबाइल नंबर से अलग भी हो सकता है। आवेदन का रेफरेंस नंबर उसी मोबाइल नंबर पर भेजा जाता है, जो फार्म में दर्ज किया गया है।
इसलिए जन सुविधा केंद्र संचालकों को आवेदक का वास्तविक और सक्रिय मोबाइल नंबर ही दर्ज करना होगा। अपना मोबाइल नंबर अथवा काल्पनिक नंबर भरने पर आवेदक को आवेदन से जुड़ी जरूरी सूचनाएं नहीं मिल सकेंगी।
मतदाता पहचान पत्र समय से पहुंचाने के लिए भी फार्म-6 में सावधानी बरतने की जरूरत है। मतदाता फोटो पहचान पत्र डाक विभाग के माध्यम से स्पीड पोस्ट से भेजा जाता है। पता अधूरा या पिन कोड गलत होने पर पहचान पत्र वापस लौट जाता है।
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इसलिए आवेदकों को पूरा आवासीय पता और सही पिन कोड दर्ज करना होगा। पंजीकृत मोबाइल नंबर के जरिए आवेदक अपने फार्म की स्थिति देख सकेंगे। आवेदन में फोटो, आयु प्रमाणपत्र, पता या अन्य दस्तावेजों की कमी होने पर भी इसी नंबर पर सूचना भेजी जा सकेगी।
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