उत्तर प्रदेश में वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए अब संगठनों की भी लेंगे मदद, लगेंगे विशेष कैंप
उत्तर प्रदेश निर्वाचन विभाग अब सामाजिक और व्यावसायिक संगठनों की मदद से मतदाता सूची में नाम दर्ज कराएगा, ताकि कोई ...और पढ़ें

वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए अब संगठनों की भी ली जाएगी मदद।
HighLights
पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में दर्ज होंगे।
सामाजिक व व्यावसायिक संगठन पंजीकरण में मदद करेंगे।
औद्योगिक संस्थानों, आरडब्ल्यूए में लगेंगे विशेष शिविर।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) में कोई भी पात्र नागरिक नाम दर्ज कराने से छूटे नहीं, इसके लिए निर्वाचन विभाग अब सामाजिक और व्यावसायिक संगठनों की भी मदद लेगा। सार्वजनिक व निजी औद्योगिक संस्थानों, आवासीय कल्याण समितियों (आरडब्ल्यूए), अधिवक्ता संगठनों, श्रमिक एवं व्यापारिक संगठनों और चिकित्सा संस्थाओं के सहयोग से पात्र मतदाताओं को चिह्नित कर उनका पंजीकरण कराया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने इस संबंध में सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत औद्योगिक प्रतिष्ठानों में कार्यरत पात्र कर्मचारियों का नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए कार्यस्थलों पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे।
वहीं, आवासीय सोसाइटी, बहुमंजिला अपार्टमेंट और कालोनियों में आरडब्ल्यूए की मदद से नए निवासियों, पहली बार मतदाता बनने वाले युवाओं और अब तक पंजीकरण से छूटे पात्र नागरिकों की पहचान की जाएगी।
निर्वाचन विभाग की नजर खास तौर पर उन वर्गों पर भी है, जिनके नाम अक्सर मतदाता सूची में दर्ज नहीं हो पाते। नागरिक सुरक्षा संगठनों के स्वयंसेवकों की मदद से घनी आबादी वाले मोहल्लों और मलिन बस्तियों में छूटे मतदाताओं को चिह्नित किया जाएगा।
श्रमिक संगठनों के माध्यम से कारखानों, औद्योगिक क्षेत्रों और निर्माण स्थलों पर संगठित व असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों, संविदा तथा दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का पंजीकरण कराया जाएगा।
व्यापारिक संगठनों को भी मतदाता जागरूकता और पंजीकरण अभियान में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया जाएगा। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए), निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम और चिकित्सा संस्थानों के सहयोग से उनके परिसरों में शिविर लगाने के साथ मलिन बस्तियों और दूरस्थ क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। अधिवक्ता संगठनों और बार एसोसिएशनों से भी समन्वय स्थापित किया जाएगा।
इसके अलावा वर्तमान और पूर्व ग्राम प्रधानों, पार्षदों, समाजसेवियों तथा प्रतिष्ठित नागरिकों की मदद से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में मतदाता सूची से छूटे पात्र लोगों की पहचान की जाएगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को संगठनों के पदाधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर विशेष अभियान दिवसों और अन्य उपयुक्त अवसरों पर पंजीकरण शिविर लगाने के निर्देश दिए हैं।
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