उत्तर प्रदेश में ओवरलोड बसों को एक्सप्रेस-वे पर नहीं मिलेगी एंट्री, पांच जिलों के अधिकारियों को सख्त निर्देश
त्योहारों पर ओवरलोड बसें चलाने वालों के खिलाफ परिवहन विभाग 7 नवंबर को विशेष अभियान चलाएगा। पांच जिलों के प्रवर्तन ...और पढ़ें

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
त्योहारों पर ओवरलोड बसों के खिलाफ विशेष जांच अभियान।
पांच जिलों के एक्सप्रेस-वे प्रवेश-निकास बिंदुओं पर निगरानी।
क्षमता से अधिक यात्री ले जाने वाली बसों पर होगी सख्ती।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। त्योहारों पर घर लौटने की जल्दबाजी में यात्रियों की जान जोखिम में डालकर बसें चलाने वालों पर परिवहन विभाग ने सख्ती की है। एक्सप्रेस-वे पर तय क्षमता से अधिक सवारियां बैठाने और बसों की छत पर यात्रियों को ले जाने वाली बसों के खिलाफ सात नवंबर को विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा।
परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन ने पांच जिलों मेरठ, हापुड़, गाजियाबाद, लखनऊ और गाजीपुर के प्रवर्तन अधिकारियों को मौके पर रहकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
दीपावली, छठ पूजा और भाई दूज के कारण पश्चिमी उत्तर प्रदेश से पूर्वांचल की ओर यात्रियों की आवाजाही बढ़ी है। ऐसे में गंगा एक्सप्रेस-वे के मेरठ और हापुड़ प्रवेश बिंदु, लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे के लखनऊ निकास बिंदु और पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के लखनऊ व गाजीपुर स्थित प्रवेश और निकास बिंदुओं पर विशेष निगरानी की जाएगी।
परिवहन विभाग के संज्ञान में आया है कि इन मार्गों पर कई बसों में क्षमता से अधिक यात्री बैठाए जा रहे हैं। कुछ बसों की छतों पर भी सवारियां ले जाई जा रही हैं, जो मोटर वाहन अधिनियम का उल्लंघन है और गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकता है। प्रवर्तन अधिकारी अपनी टीमों के साथ जांच करेंगे। संबंधित संभागीय परिवहन अधिकारी भी मौके पर निगरानी रखेंगे।
कार्रवाई के दौरान बस से उतारे जाने वाले यात्रियों को रास्ते में परेशानी न हो, इसके लिए परिवहन आयुक्त ने रोडवेज के प्रबंध निदेशक से वैकल्पिक बसों की व्यवस्था कराने को कहा है। इससे यात्रियों को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाया जा सकेगा।
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