UPSSSC की परीक्षा में ब्लूटूथ डिवाइस के साथ पकड़े गए चार अभ्यर्थी, एफआईआर दर्ज
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षाओं में जैमर और बायोमीट्रिक निगरानी के बावजूद चार अभ्यर्थी ब्लूटूथ डिवाइस के साथ पकड़े गए, जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

आयोग की परीक्षा में ब्लूटूथ डिवाइस के साथ पकड़े गए चार अभ्यर्थी। AI जेनरेटेड फोटो
HighLights
UPSSSC परीक्षाओं में चार अभ्यर्थी ब्लूटूथ डिवाइस के साथ पकड़े गए।
नकल रोकने के लिए जैमर, बायोमीट्रिक सत्यापन और CCTV निगरानी थी।
सहायक बोरिंग तकनीशियन और शिक्षक संवर्ग की मुख्य परीक्षाएं आयोजित।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से रविवार को सहायक बोरिंग तकनीशियन और दिव्यांगजन सशक्तीकरण निदेशालय (शिक्षक संवर्ग) की मुख्य परीक्षाएं जैमर, बायोमीट्रिक सत्यापन और लाइव सीसीटीवी निगरानी के बीच कराई गई।
इस दौरान नकल की कोशिश करने वाले चार अभ्यर्थी पकड़े गए। चारों ब्लूटूथ/इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिये परीक्षा में अनुचित लाभ लेने की कोशिश कर रहे थे। उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।
सहायक बोरिंग तकनीशियन मुख्य परीक्षा लखनऊ, वाराणसी और गाजियाबाद के 57 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई। इसमें 25,979 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 20,254 परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 5,725 अनुपस्थित रहे।
वहीं, दिव्यांगजन सशक्तीकरण निदेशालय (शिक्षक संवर्ग) की मुख्य परीक्षा लखनऊ के चार केंद्रों पर हुई। इसमें 1,596 अभ्यर्थियों में से 1,368 उपस्थित रहे, जबकि 228 अनुपस्थित रहे।
आयोग ने परीक्षा को नकलमुक्त बनाने के लिए सभी केंद्रों पर जैमर लगाए, ताकि इलेक्ट्रानिक उपकरणों का उपयोग न हो सके। इसकी वजह से लखनऊ के मानक नगर रेलवे इंटर कॉलेज, आरडीएसओ व वाराणसी के श्री अग्रसेन कन्या इंटर कॉलेज, एओ मुस्लिम इंटर कॉलेज, लल्लापुरा (सिगरा) और हरिश्चंद्र बालिका इंटर कॉलेज, मैदागिन में एक-एक अभ्यर्थी ब्लूटूथ/इलेक्ट्रानिक डिवाइस के साथ पकड़े गए।
परीक्षा की निगरानी आयोग मुख्यालय और तीनों जिलों के कमांड व लाइव सीसीटीवी कंट्रोल रूम से की गई। साथ ही प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) के रिकॉर्ड से मिलान करने के लिए सभी अभ्यर्थियों का फोटो और आइरिस आधारित बायोमीट्रिक सत्यापन कराया गया।
