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अब मरीज खुद देख सकेंगे दवा के खरीद और बिक्री रेट, फार्मेसियों को वेबसाइट पर देनी होगी सारी जानकारी

Published: Mon, 05 Oct 2026 09:22 PM (IST)Updated: Mon, 05 Oct 2026 09:26 PM (IST)

उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (UPFSDA) ने मरीजों को दवाओं के खरीद और बिक्री मूल्य जानने में सक्षम बनाने के लिए नए निर्देश जारी किए हैं।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

HighLights

  1. मरीज अब दवाओं के खरीद और बिक्री मूल्य देख सकेंगे।

  2. अस्पताल फार्मेसियों को अपनी वेबसाइट बनाना अनिवार्य होगा।

  3. वेबसाइट पर दवा, लाइसेंस, फार्मासिस्ट की जानकारी देनी होगी।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। अस्पताल से दवा खरीदने वाले मरीज अब यह भी जान सकेंगे कि फार्मेसी ने वह दवा कितने रुपये में खरीदी और कितने में बेच रही है। खरीद और बिक्री मूल्य में बड़े अंतर की जानकारी सामने आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (यूपीएफएसडीए) ने यह व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं।

इसके तहत खुदरा दवा विक्रेताओं और अस्पताल परिसर में संचालित फार्मेसियों को अपनी वेबसाइट बनानी होगी। वेबसाइट पर फार्मेसी, लाइसेंस, फार्मासिस्ट और स्टाक से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करनी होगी। वेबसाइट आम लोगों के लिए खुली रखनी होगी।

अस्पताल परिसर में संचालित ऐसी फार्मेसियां, जहां मरीजों के पास दवा, चिकित्सा उपकरण और पोषण संबंधी उत्पाद खरीदने का दूसरा विकल्प नहीं है, उन्हें अपनी वेबसाइट पर दवाओं का खुदरा बिक्री मूल्य (पीटीआर) और बिक्री मूल्य (पीटीसी) अनिवार्य रूप से बताना होगा। यह मूल्य नियंत्रण का आदेश नहीं है। इसका उद्देश्य जनहित में फार्मेसियों से जरूरी सूचनाएं स्वत: सार्वजनिक कराना है।

एफएसडीए की आयुक्त डा. रोशन जैकब की ओर से जारी आदेश में औषधि मूल्य नियंत्रण आदेश (डीपीसीओ)-2013 के प्रस्तर 25 का उल्लेख किया गया है। इसमें कहा गया है कि प्रत्येक खुदरा दुकानदार और डीलर को निर्माता या आयातक से मिली मूल्य सूची ऐसे प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करनी होती है, जहां कोई भी व्यक्ति उसे देख सके। जैकब के मुताबिक कुछ समय में हुई कार्रवाई के दौरान सामने आया कि कई फर्म इस प्रावधान का पालन नहीं कर रही हैं।

जांच दल के संज्ञान में यह भी आया कि औषधि निर्माता, विपणन फर्म और स्टाकिस्ट कई अस्पतालों में संचालित फार्मेसियों को ऊंची कीमत पर दवाएं बेच रहे हैं। इसी को देखते हुए अस्पताल फार्मेसियों के लिए दवा की खरीद और मरीज को बिक्री मूल्य की जानकारी सार्वजनिक करने की व्यवस्था की गई है।

अब फार्मेसियों को वेबसाइट पर दवा निर्माता का नाम, ब्रांड नाम, जेनेरिक नाम, अस्पताल के लिए खरीद दर और उपभोक्ता दर की जानकारी देनी होगी। इसके अलावा फार्मेसी का नाम, लाइसेंस संख्या, लाइसेंस धारक का नाम और लाइसेंस वाले परिसर का पता भी वेबसाइट पर प्रदर्शित करना होगा।

फार्मेसी या अस्पताल की ओर से नियुक्त फार्मासिस्ट का नाम, पंजीकरण संख्या और फोटो वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर रखना अनिवार्य होगा। फार्मेसी को अपने स्टाक की जानकारी हर सप्ताह वेबसाइट पर उपलब्ध करानी होगी। अपनी वेबसाइट का पता फार्मेसी काउंटर पर प्रमुखता से प्रदर्शित करना होगा।

साथ ही एप या क्यूआर कोड के माध्यम से ग्राहकों को वेबसाइट तक पहुंच उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। एफएसडीए का मानना है कि खरीद मूल्य और अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) अथवा बिक्री मूल्य में अत्यधिक अंतर होने पर दवा के नकली या मिलावटी होने की आशंका भी हो सकती है।

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