यूपी के युवाओं को अपने ही जिले में मिलेगा रोजगार, योजना को लेकर सीएम योगी ने अधिकारियों को दिए निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हर जिले में 'सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लायमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन' बनाने के निर्देश दिए हैं। इन ...और पढ़ें

HighLights
भूमि चिन्हित कर सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लायमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन बनाने के दिए निर्देश
50 एकड़ में प्लग-एंड-प्ले उद्योग, कौशल प्रशिक्षण और उद्यमिता में मिलेगा युवाओं को मौका
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश के हर जिले में ऐसा केंद्र बनाया जाएगा, जहां कौशल प्रशिक्षण, नौकरी और अपना रोजगार शुरू करने तीनों सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिलेंगी। इसके लिए ‘सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लायमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन’ विकसित किए जाएंगे।
सोमवार को हुई बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी जिलों में जल्द से जल्द उपयुक्त जमीन चिन्हित की जाए और इस योजना को तय समय में जमीन पर उतारा जाए।
इस योजना का शुभारंभ 24 जनवरी को उत्तर प्रदेश दिवस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया था। यह जोन हर जिले में न्यूनतम 50 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित होगा।
यहां एमएसएमई, सेवा क्षेत्र, नवाचार आधारित उद्योगों के लिए प्लग-एंड-प्ले यूनिट और फ्लैटेड फैक्ट्री जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी, ताकि उद्यमियों को शुरुआत से ही तैयार ढांचा मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जोन आने वाले समय में प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता का मजबूत आधार बनेगा और उत्तर प्रदेश को औद्योगिक विकास का नया माडल देगा।
अधिकारियों से कहा कि क्षेत्रीय जरूरतों और स्थानीय संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए जोन का विकास किया जाए, ताकि हर जिले को इसका वास्तविक लाभ मिल सके।
स्पष्ट किया कि संभावित स्थलों की पहचान में किसी तरह की देरी न हो। बैठक में बताया गया कि इन जोन में कामन फैसिलिटी सेंटर, टेस्टिंग लैब, डिजाइन व डिस्प्ले सेंटर, टूल रूम, ईटीपी/सीईटीपी, वाणिज्यिक क्षेत्र, सड़क, ग्रीन एरिया और कार्यालय स्पेस का संतुलित विकास किया जाएगा।
साथ ही ‘सरदार वल्लभ भाई पटेल एम्प्लायमेंट एंड स्किल डेवलपमेंट सेंटर’ भी स्थापित होगा, जहां प्रशिक्षण हाल, कांफ्रेंस रूम, एक्सटेंशन काउंटर और उद्योग-सहायता से जुड़ी सेवाएं मिलेंगी।
युवाओं के लिए इस जोन में उद्यमिता प्रशिक्षण, मेंटरिंग, विभिन्न ऋण योजनाओं की जानकारी, हैंड होल्डिंग सपोर्ट, इंटर्नशिप, अप्रेंटिसशिप और वेतन आधारित रोजगार की व्यवस्था की जाएगी। यानी पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी या अपना काम शुरू करने तक की पूरी राह एक ही परिसर से आसान बनेगी।
