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फर्नीचर और अगरबत्ती बनाने वाले उद्योगों को मिलेगी नई उड़ान, यूपी में 5000 हेक्टेयर में होगा बांस का रोपण

Published: Fri, 30 Oct 2026 01:20 AM (IST)

उत्तर प्रदेश में बांस उत्पादन और संबंधित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए अगले वर्ष 5000 हेक्टेयर में बांस रोपण ...और पढ़ें

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

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HighLights

  1. अगले वर्ष 5000 हेक्टेयर में बांस रोपण का लक्ष्य।

  2. बांस उत्पादन से किसानों की आय और रोजगार के अवसर।

  3. राष्ट्रीय बांस मिशन उद्योगों और पर्यावरण संरक्षण को देगा बढ़ावा।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। राज्य में बांस उत्पादन बढ़ाने और इससे जुड़े उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए अगले वर्ष वृक्षारोपण अभियान के दौरान पांच हजार हेक्टेयर क्षेत्र में बांस लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया जाएगा। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने गुरुवार को राष्ट्रीय बांस मिशन के क्रियान्वयन और बांस उत्पादन का क्षेत्र विस्तार करने के संबंध में आयोजित बैठक में अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने कहा कि बांस रोपण से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलने के साथ किसानों की आय बढ़ाने के नए अवसर भी पैदा होंगे। बांस का इस्तेमाल पार्टिकल बोर्ड, मध्यम घनत्व फाइबर बोर्ड (एमडीएफ) सहित विभिन्न काष्ठ आधारित उत्पादों के निर्माण में किया जा सकता है। इससे बांस आधारित उद्योगों का विस्तार होगा और किसानों को अपने उत्पादों का बेहतर मूल्य मिल सकेगा।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय बांस मिशन के तहत स्थापित सामान्य सुविधा केंद्रों का संचालन स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से किया जा रहा है। वहीं, बांस उपचार संयंत्र, प्रसंस्करण इकाइयां, फर्नीचर निर्माण और अगरबत्ती की सींक बनाने जैसी गतिविधियां किसान, उद्यमी और कृषक उत्पादक संगठन संचालित कर रहे हैं।

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इससे बांस उत्पादों का मूल्य संवर्धन होने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आय बढ़ाने के अवसर मिल रहे हैं। बैठक में गंगा और उसकी सहायक नदियों के किनारे बांस रोपण के महत्व पर भी चर्चा की गई।

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नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत वन विभाग नदी तटवर्ती क्षेत्रों में बांस रोपण करा रहा है। इसके अलावा वन विभाग के कार्बन क्रेडिट कार्यक्रम में राष्ट्रीय बांस मिशन को शामिल करने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया।