अब काशी-दिल्ली और बेंगलुरु-मुंबई के बीच दौड़ेगी वंदे भारत स्लीपर, 31 अक्टूबर को बनारस से होगा आगाज
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की घोषणा की है, जो काशी-नई दिल्ली और बेंगलुरु-मुंबई रूट पर ...और पढ़ें

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HighLights
रेल मंत्री ने वंदे भारत स्लीपर की घोषणा की।
काशी-दिल्ली और बेंगलुरु-मुंबई रूट पर चलेगी।
काशी-दिल्ली का उद्घाटन 31 अक्टूबर को होगा।
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। रतीय रेल अब लंबी दूरी के रात्रिकालीन सफर को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में सबसे बड़ा कदम उठाने जा रही है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बहुप्रतीक्षित 'वंदे भारत स्लीपर' ट्रेन के संचालन की आधिकारिक घोषणा कर दी है। देश में शुरुआती तौर पर दो प्रमुख कारिडोर-काशी (वाराणसी) से नई दिल्ली और बेंगलुरु से मुंबई के बीच वंदे भारत स्लीपर चलाई जाएगी।
रेल मंत्री ने गुरुवार रात इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म ‘इंस्टाग्राम’ पर एक वीडियो साझा कर इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों व्यस्त रूटों पर जल्द ही इस अत्याधुनिक ट्रेन का नियमित संचालन शुरू होगा।
काशी से नई दिल्ली रूट पर चलने वाली पहली वंदे भारत स्लीपर का उद्घाटन 31 अक्टूबर को होगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव स्वयं वाराणसी रेलवे स्टेशन पर उपस्थित रहकर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) के अधिकार क्षेत्र में इस ऐतिहासिक सफर का भव्य स्वागत किया जाएगा।
पूर्व गाजियाबाद में भी होगा ठहराव
मार्ग में प्रयागराज जंक्शन, कानपुर सेंट्रल और अलीगढ़ जंक्शन पर इसके स्वागत व ठहराव की विशेष तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश से पूर्व गाजियाबाद में भी ट्रेन का ठहराव रहेगा।
पारंपरिक राजधानी और सुपरफास्ट ट्रेनों की तुलना में वंदे भारत स्लीपर तकनीक और सुविधाओं के मामले में कई गुना आगे है । यह 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने में सक्षम। सेमी-हाई स्पीड होने के बावजूद विशेष सस्पेंशन सिस्टम के कारण इसमें कंपन (जर्क) न के बराबर होगा। ट्रेन पूर्ण रूप से स्वदेशी सुरक्षा प्रणाली ‘कवच’ से लैस है, जो आमने-सामने की टक्कर को पूरी तरह रोकती है।
कोचों में एर्गोनामिक रूप से डिजाइन की गई आरामदायक बर्थ, यूएसबी चार्जिंग प्वाइंट, इंटीग्रेटेड रीडिंग लाइट और आधुनिक सेंसर-युक्त ऑटोमैटिक दरवाजे दिए गए हैं। ट्रेन में उन्नत एयर प्यूरिफिकेशन सिस्टम लगा है, जो हवा को वायरस और बैक्टीरिया मुक्त रखता है। सभी कोचों में गंधहीन बायो-वैक्यूम टायलेट व गर्म पानी की सुविधा युक्त शावर क्यूबिकल (फर्स्ट एसी) उपलब्ध हैं।
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दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए विशेष चौड़े दरवाजे और ब्रेल लिपि में साइनेज लगाए गए हैं।
काशी-दिल्ली रूट पर इसके संचालन से न केवल पूर्वांचल बल्कि पूरे उत्तर भारत के यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आरामदायक रात्रिकालीन यात्रा का नया विकल्प मिलेगा।
