यूपी में डिजिटल तरीके से पढ़ाना सीखेंगे शिक्षक, स्मार्ट क्लास के लिए ब्लॉक लेवल पर शुरू होगी ट्रेनिंग
उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब के प्रभावी उपयोग के लिए शिक्षकों को डिजिटल शिक्षण विधियों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
शिक्षकों को डिजिटल संसाधनों के उपयोग का प्रशिक्षण।
स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब का प्रभावी इस्तेमाल सिखाया जाएगा।
ब्लॉक स्तर पर 2 नवंबर से दो दिवसीय प्रशिक्षण शुरू।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब तो स्थापित हो रही हैं, लेकिन अब इनमें पढ़ाई को भी स्मार्ट बनाने की तैयारी है। शिक्षक केवल ब्लैक बोर्ड तक सीमित न रहें, बल्कि डिजिटल संसाधनों की मदद से बच्चों को रोचक और प्रभावी तरीके से पढ़ा सकें, इसके लिए उन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रदेश में दो नवंबर से ब्लाक स्तर पर दो दिवसीय प्रशिक्षण शुरू होगा।
समग्र शिक्षा के तहत आयोजित इस प्रशिक्षण में चयनित विद्यालयों के एक-एक नोडल शिक्षक और एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) शामिल होंगे। हर बैच में अधिकतम 50 प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रशिक्षण में शिक्षकों को स्मार्ट क्लास, आइसीटी लैब और डिजिटल लाइब्रेरी के व्यावहारिक इस्तेमाल की जानकारी दी जाएगी। डिजिटल सामग्री के जरिये कक्षा में विषयों को कैसे समझाया जाए और तकनीक को पढ़ाई का प्रभावी माध्यम कैसे बनाया जाए, इस पर खास जोर रहेगा। इसकी तैयारी राज्य स्तर पर पहले ही शुरू हो चुकी है।
दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान में मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षित किया जा रहा है। ये प्रशिक्षित संदर्भदाता अब ब्लाक संसाधन केंद्रों पर शिक्षकों को प्रशिक्षण देंगे।
डिजिटल संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने वाले शिक्षक अपने प्रयोगों का प्रस्तुतीकरण करेंगे और सफलता की कहानियां भी साझा करेंगे। इससे दूसरे शिक्षकों को भी कक्षा में तकनीक अपनाने के व्यावहारिक तरीके सीखने का अवसर मिलेगा।
यह भी पढ़ें- तालाबों से निकलकर मंडी तक, अमेठी में सिंघाड़े की खेती बन रही मुनाफे का सौदा; धान छोड़ किसान अपना रहे यह राह