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बीजेपी के 8 कैंडिडेट के बाद सपा के तीसरे प्रत्याशी पर सभी की नजर, यूपी राज्यसभा चुनाव में क्या फिर होगा 'खेल'?

Published: Mon, 05 Oct 2026 11:02 PM (IST)

उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के चुनाव में भाजपा ने आठ प्रत्याशी घोषित किए हैं, जबकि सपा अपने दो ...और पढ़ें

सपा प्रमुख अखिलेश यादव। फाइल फोटो

सपा प्रमुख अखिलेश यादव। फाइल फोटो

HighLights

  1. भाजपा ने 8 प्रत्याशी घोषित किए, आठवीं सीट पर नजर

  2. सपा तीसरे प्रत्याशी पर विचार, अतिरिक्त मतों की आवश्यकता

  3. क्रॉस वोटिंग की आशंका, चुनाव हुआ बेहद रोमांचक

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के चुनाव अब राेमांचक दौर में दाखिल हो गया है। सपा पहले अपने दो प्रत्याशी मैदान में उतार चुकी है और तीसरा प्रत्याशी लड़ाने की संभावना भी अभी बाकी है। वहीं सोमवार को भाजपा ने भी आठ प्रत्याशी घोषित कर दिए।

भाजपा के लिए सात सीटों पर जीत आसान है तो आठवीं पर जीत के लिए उसे कुछ अतिरिक्त समर्थन भी जुटाना है। यदि सपा तीसरा प्रत्याशी उतारती है तो विधायकों की सेंधमारी को घमासान होना तय माना जा रहा है।

राज्यसभा चुनाव में एक सीट पर जीत के लिए 37 मत आवश्यक हैं। भाजपा के पास 255 और उसके सहयोगी अपना दल (सोनेलाल) के 13, रालोद के नौ, सुभासपा के छह और निषाद पार्टी के पांच विधायक हैं।

तीन असंबद्ध सदस्यों और जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के दो विधायकों को भी उनके पक्ष में ही माना जा रहा है। इस हिसाब से भाजपा के पास मतों की संख्या 293 बैठती है। जबकि आठ सीटें जीतने के लिए उसके 296 विधायकों का समर्थन चाहिए होगा। वहीं सपा के अधिकृत रूप से 101 विधायक हैं और दो विधायक कांग्रेस के हैं। उसे तीन प्रत्याशी जिताने के लिए 111 वोट चाहिए।

ऊपर से सपा के विधायकों में पूजा पाल, विनोद चतुर्वेदी, राकेश पांडेय, आशुतोष मौर्य भी शामिल हैं, जिन्होंने पिछले राज्यसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में क्रास वोटिंग की थी, इनमें से पूजा पाल तो भाजपा संगठन में पदाधिकारी भी बन चुकी हैं। ऐसे में इनका समर्थन सपा को न मिलने की बात कही जा रही है।

इन आंकड़ों के बीच सपा प्रमुख अखिलेश यादव अपने तीसरे प्रत्याशी के लिए गणित बिठाने के लिए क्रास वोटिंग करने वाले विधायकों को वापस का अवसर देने की बात कह रहे हैं। साथ ही उनका दावा एनडीए गठबंधन के कई विधायकों के संपर्क में होने का भी है। हाल ही में सुभासपा विधायक अब्बास अंसारी सपा प्रमुख से मिले भी थे।

सूत्रों का कहना था कि भाजपा के प्रत्याशी घोषित होने के बाद सपा मंगलवार को अपना तीसरा प्रत्याशी घोषित कर सकती है। ऐसे में क्रास वोटिंग की चर्चाएं जोरों पर हैं और भाजपा अपनी आठवीं सीट को सुरक्षित करने के लिए कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए उसे सबसे पहले खुद के और सहयोगी दलों के विधायकों को अपने पक्ष में बनाए रखना होगा।

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