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UP Weather Today: लखनऊ-वाराणसी सहित प्रदेशभर में थमेगी बारिश, बढ़ेगी उमस; दो दिन बाद फिर बूंदाबांदी के आसार

Published: Sun, 13 Sep 2026 07:33 AM (IST)

उत्तर प्रदेश में अगले दो दिनों तक सक्रिय वर्षा की संभावना कम है, जिससे तापमान में हल्की वृद्धि और उमस ...और पढ़ें

गोरखपुर में बारिश का आनंद उठाते साइकिल सवार। जागरण

गोरखपुर में बारिश का आनंद उठाते साइकिल सवार। जागरण

जागरण संवाददाता, लखनऊ। आसमान में छाए बादल अब विरल होने लगे हैं। अगले दो दिनों तक कोई सक्रिय मौसम तंत्र नहीं होने से वर्षा होने की संभावना अत्यंत कम है। कहीं-कहीं हल्की-फुल्की बूंदाबांदी हो सकती है। इस बीच तापमान में धीरे-धीरे हल्की बढ़ोतरी होगी तो उमस भरी गर्मी भी बढ़ सकती है। अगले दो दिनों के बाद थोड़े बादल आ सकते हैं और कहीं-कहीं फिर बूंदाबांदी की स्थिति बन सकती है।

प्रदेश के कई हिस्सों में शनिवार को भी पूरे दिन कभी धूप-कभी छांव की स्थिति बनी रही। वाराणसी में बीते 24 घंटे की अपेक्षा अधिकतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई और यह सामान्य से 0.2 डिग्री सेल्सियस नीचे 33.4 डिग्री सेल्सियस रहा। न्यूनतम तापमान सामान्य से 1.3 डिग्री सेल्सियस कम 24.3 डिग्री सेल्सियस रहा। शुक्रवार की रात्रि में बाबतपुर क्षेत्र में 15 तो कैंट क्षेत्र में 25 मिमी वर्षा हुई। शनिवार को तापमान बढ़ने से आर्द्रता थोड़ी घटी और यह 72 से 85 प्रतिशत के बीच रही।

राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के कई जिलों में भी मौसम में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। लखनऊ में शनिवार को मौसम सामान्यतः बादलों से आंशिक रूप से बादल छाए रहने की ओर रहा। प्रयागराज, अलीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी आंशिक बादल छाए रहने तथा कहीं-कहीं हल्की वर्षा या गरज-चमक की संभावना बनी हुई है। हालांकि अगले कुछ दिनों में किसी बड़े सक्रिय मौसम तंत्र के अभाव में व्यापक वर्षा के आसार कम हैं।

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दक्षिणी उड़ीसा-उत्तरी आंध्र प्रदेश तट पार कर छत्तीसगढ़ पहुंचा निम्न दबाव

लखनऊ स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ विज्ञानी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि उत्तरी-पश्चिमी व पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी पर बना निम्न दबाव क्षेत्र पिछले 24 घंटों के दौरान पश्चिम-उत्तर-पश्चिमी दिशा में आगे बढ़ते हुए दक्षिणी उड़ीसा-उत्तरी आंध्र प्रदेश तट पार करके दक्षिणी छत्तीसगढ़ के ऊपर संकेंद्रित हो गया है। मानसूनी द्रोणी के अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण में मध्य भारत की ओर खिसक गई है। इससे प्रदेश में कोई सक्रिय मौसम तंत्र नहीं है। इसके चलते आगामी 48 घंटों के दौरान प्रदेश में कोई प्रभावी वर्षा नहीं होगी। इसके उपरांत 48 घंटों के दौरान इसमें आंशिक बढ़ोत्तरी होगी और फिर उत्तरोत्तर कमी आने लगेगी।

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