दलित बिजली अभियंताओं से भेदभाव का आरोप, पावर ऑफिसर्स एसोसिएशन ने सीएम योगी को लिखा पत्र
उत्तर प्रदेश पावर ऑफिसर्स एसोसिएशन ने दलित बिजली अभियंताओं के खिलाफ भेदभावपूर्ण कार्रवाई पर रोष व्यक्त किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर।
HighLights
दलित अभियंताओं के विरुद्ध भेदभावपूर्ण कार्रवाई पर रोष व्यक्त।
सीएम योगी और ऊर्जा मंत्री को निष्पक्ष जांच हेतु पत्र।
अनावश्यक निलंबन और लंबित मामलों की समीक्षा की मांग।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश पावर ऑफिसर्स एसोसिएशन ने बिजली कंपनियों में कार्यरत दलित अभियंताओं के विरुद्ध की जा रही भेदभावपूर्ण कार्रवाई पर रोष व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और ऊर्जा मंत्री एके शर्मा को पत्र लिखकर पिछले दो वर्षों में दलित अभियंताओं के विरुद्ध सभी अनुशासनात्मक कार्रवाइयों के साथ ही सेवा संबंधी मामलों की स्वतंत्र व निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
एसोसिएशन की प्रांतीय कार्य समिति की बैठक में लिए गए निर्णयों के आधार पर यह पत्र भेजा गया है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि कई अभियंताओं को निलंबित करने के बाद विभागीय जांच का अंतिम निस्तारण लंबे समय से लंबित है।
एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि वे किसी भी दोषी अभियंता को बचाने के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन जाति के आधार पर अभियंताओं को निशाना बनाना और अनावश्यक निलंबन स्वीकार्य नहीं है। एसोसिएशन के अध्यक्ष आरपी केन, कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा और अन्य पदाधिकारियों ने कहा है कि इस प्रकार की कार्रवाई से अभियंताओं में असुरक्षा और असंतोष बढ़ रहा है।
लंबे समय तक निलंबन और विभागीय मामलों के लंबित रहने से अभियंताओं को आर्थिक और मानसिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की है कि जिन मामलों में गंभीर आरोप नहीं हैं, उनमें निलंबन की आवश्यकता और अवधि की समीक्षा की जाए।
