करोड़ों का बजट स्वीकृत, फिर भी अटके काम, तीन सत्रों के 595 विद्यालयों में अब तक अधूरा है निर्माण कार्य
माध्यमिक विद्यालयों में बुनियादी सुविधाएं बढ़ाने के लिए स्वीकृत करोड़ों के बजट के बावजूद निर्माण कार्य धीमी गति से चल ...और पढ़ें
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
HighLights
स्वीकृत करोड़ों के बजट के बावजूद निर्माण कार्य धीमा।
प्रोजेक्ट अलंकार के तहत 595 विद्यालयों में काम अधूरा।
अपर मुख्य सचिव ने समय पर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। माध्यमिक विद्यालयों में बुनियादी सुविधाएं बढ़ाने के लिए बजट तो स्वीकृत हो रहा है, लेकिन निर्माण कार्य उसी रफ्तार से पूरे नहीं हो पा रहे हैं। प्रोजेक्ट अलंकार के तहत अनुदानित माध्यमिक विद्यालयों में तीन शैक्षिक सत्रों के दौरान स्वीकृत 484 विद्यालयों में से अब तक केवल 49 में ही काम पूरा हुआ है। खास बात यह है कि वर्ष 2024-25 में स्वीकृत विद्यालयों में भी बड़ी संख्या में निर्माण कार्य अधूरे हैं। इसके बाद के भी स्वीकृत विद्यालयों की स्थिति और धीमी है।
आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024-25 में 316 विद्यालयों के लिए 58.06 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। इनमें 45 विद्यालयों में ही निर्माण कार्य पूरा हो सका। यानी सबसे पहले स्वीकृत किए गए विद्यालयों में भी अधिकांश काम अब तक पूरा नहीं हुआ है। वर्ष 2025-26 में 125 विद्यालयों के लिए 65.42 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली, लेकिन इनमें केवल चार विद्यालयों में काम पूरा हुआ।
वहीं, चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में 43 विद्यालयों के लिए 35.91 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इनमें अभी किसी विद्यालय का काम पूरा नहीं हुआ है। संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों में भी निर्माण कार्यों की स्थिति कुछ अलग नहीं है। इनके लिए 185 विद्यालयों में 25 विद्यालयों में ही काम पूरा हो पाया है। इस तरह अनुदानित और संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों को मिलाकर 669 विद्यालयों में निर्माण कार्य स्वीकृत हुए, लेकिन अब तक 74 में ही काम पूरा हुआ है।
शेष 595 विद्यालयों में निर्माण कार्य समय से पूरा कराने की चुनौती बनी हुई है। अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने माध्यमिक शिक्षा विभाग को निर्माण की गुणवत्ता, प्रस्ताव भेजने के साथ समय सीमा का भी पालन कराने के निर्देश दिए हैं।
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