यूपी में बिजली को लेकर प्रशासन सख्त, लापरवाही बरतने पर दो चीफ इंजीनियर सहित तीन से मांगा गया स्पष्टीकरण
पावर कारपोरेशन के एमडी नितीश कुमार ने भीषण गर्मी के मद्देनजर बिजली आपूर्ति में लापरवाही पर सख्त रुख अपनाया है। ...और पढ़ें

लापरवाही और विलंब पर बिजली महकमें के दो मुख्य अभियंता सहित तीन से स्पष्टीकरण।

समय कम है?
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राज्य ब्यूरो, लखनऊ। पावर कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक नितीश कुमार ने प्रदेश में पड़ रही भयंकर गर्मी को देखते हुए अधिकारियों को सतर्क किया है। उन्होंने कहा है कि हर क्षेत्र में निर्धारित रोस्टर के मुताबिक बिजली दी जाए। बिजनेस प्लान के तहत चल रहे कार्यों को समय से पूरा करें।
बिजनेस प्लान के कार्यों में विलंब व अन्य कारणों से दो मुख्य अभियंता व एक अधीक्षण अभियंता से स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए। एक अधिशासी अभियंता को चेतावनी जारी करने के निर्देश दिए।
मंगलवार को आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान एमडी ने बिजनेस प्लान के संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं दे पाने पर पर मुजफ्फरनगर तथा बिजनेस प्लान के कार्यों में विलंब पर अमौसी क्षेत्र (लखनऊ) के मुख्य अभियंता से स्पष्टीकरण दिए जाने का निर्देश दिए।
ट्रांसफार्मरों की क्षतिग्रस्तता पर मुजफ्फरनगर के अधीक्षण अभियंता से भी स्पष्टीकरण लिए जाने तथा आलापुर के अधिशासी अभियंता को चेतावनी देने को कहा।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि चेक मीटर के मापन व परिणामों की जानकारी उपभोक्ताओं को मिले इसके लिए प्रचार-प्रसार कराया जाए। सभी क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बेहतर रहे इस पर वरिष्ठ अधिकारी लगातार नजर रखें।
उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए लगाए जा रहे कैंपों के माध्यम से उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबरों का मिलान करा लिया जाए। अधिशासी अभियंता इसके लिए प्रयास करें।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि लखनऊ में विद्युत आपूर्ति बेहतर रहे और ट्रिपिंग न हो इसके लिए खास चौकसी बरती जाए। झटपट पोर्टल पर आने वाले आवेदनों को लंबित न रहने दिया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को समय से नए कनेक्शन मिल सकें।
उन्होंने ट्रांसफार्मरों के अनुरक्षण कार्यों के लिए अभियान चलाने को कहा। ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त न हों इसके लिए सावधानी बरतने को कहा। चेतावनी दी कि ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होंगे तो जिम्मेदारी तय करते हुए वसूली व कार्रवाई की जाएगी।
उपभोक्ताओं को सही रीडिंग का बिल ही मिलनी चाहिए। त्रुटिपूर्ण बिल की शिकायत आए तो संबंधित अधिकारी उसे तत्काल ठीक कराएं। सोलर नेट मीटरिंग की लिस्ट बनाकर जांच कराने के निर्देश दिए।
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