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यूपी: जिले में तीन और मंडल में पांच वर्ष पूरे करने वाले डॉक्टरों का होगा तबादला, विभाग ने जारी की ट्रांसफर नीति

Published: Tue, 19 May 2026 11:55 PM (IST)

उत्तर प्रदेश में डॉक्टरों की नई स्थानांतरण नीति जारी की गई है, जिसके तहत जिले में तीन और मंडल में ...और पढ़ें

जिले में तीन व मंडल में पांच वर्ष पूरे करने वाले डॉक्टरों का होगा तबादला।

जिले में तीन व मंडल में पांच वर्ष पूरे करने वाले डॉक्टरों का होगा तबादला।

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राज्य ब्यूरो, लखनऊ। चिकित्सा स्वास्थ्य व परिवार कल्याण के डॉक्टरों की स्थानांतरण नीति जारी कर दी गई है। एक जिले में तीन वर्ष और मंडल में पांच वर्ष पूरे करने वाले डॉक्टरों का स्थानांतरण बाहर होगा।

इससे पहले मंडल में सात वर्ष तक कार्यरत रहने की छूट थी। संयुक्त निदेशक, मुख्य चिकित्साधीक्षक एवं अधीक्षक अगर किसी जिले या मंडल में पांच वर्ष की सेवा दे चुके हैं तो उनका बाहर स्थानांतरण होगा।

चिकित्सा कार्य में सक्रिय डॉक्टरों एवं नर्सों के लिए यह नियम बाध्यकारी नहीं होगा। बुधवार को उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक दोनों विभागों के वार्षिक स्थानांतरणों के विषय में सभी विभागीय अधिकारियों के साथ विचार विमर्श करेंगे।

जिलों में मुख्य चिकित्साधिकारियों के अधीन तैनात अधीक्षक, एमओआईसी अगर तीन वर्ष पूरे कर चुके हैं तो सक्षम अधिकारी स्थानांतरण उसी जिले में करेंगे।

आठ आकांक्षी जिलों चित्रकूट, चंदौली, सोनभद्र, फतेहपुर, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, श्रावस्ती, बहराइच एवं घोषित सौ आकांक्षी विकास खंडों में अधिकतम कार्मियों की नियुक्ति कर संतृप्त करने के लिए कहा गया है।

दो वर्ष की सेवा के बाद कार्मिकों से विकल्प प्राप्त कर उनका स्थानांतरण कर दिया जाएगा। लिपिकीय एवं नर्सिंग स्टाफ को गंभीर बीमारी की स्थिति में दस वर्ष में स्थानांतरण की बाध्यता से छूट मिलेगी।

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