यूपी में प्रदेश इकाई का आकार बदल सकती है भाजपा, कटेगा कई दिग्गज नेताओं का पत्ता
भाजपा उत्तर प्रदेश इकाई के पुनर्गठन की तैयारी में है, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष और महामंत्री संगठन राष्ट्रीय नेतृत्व से चर्चा ...और पढ़ें

प्रदेश इकाई का आकार बदल सकती है भाजपा।

समय कम है?
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राज्य ब्यूरो, लखनऊ। भाजपा नई प्रदेश इकाई गठित करने के करीब है। बुधवार को नई दिल्ली में प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह राष्ट्रीय नेतृत्व से मिलकर पदाधिकारियों पर चर्चा करेंगे। लेकिन इस बार टीम के आकार को लेकर असमंजस उभरा है। अन्य राज्यों में प्रदेश इकाई पहले की तुलना में छोटी की गई है।
चर्चा है कि पार्टी अन्य प्रदेशों की तर्ज पर पदाधिकारियों की संख्या में कटौती करेगी या चुनावी वर्ष एवं राज्य का बड़ा आकार देखते हुए बढ़ाने पर फोकस करेगी। महामंत्रियों की संख्या सात से घटाकर छह की जाएगी। इसी प्रकार उपाध्यक्षों एवं प्रदेश मंत्रियों की संख्या में भी परिवर्तन दिख सकता है।
पिछली प्रदेश इकाई में सात महामंत्री, 18 उपाध्यक्ष, 16 प्रदेश मंत्री, एक कोषाध्यक्ष, एक सह कोषाध्यक्ष, एक-एक मुुख्यालय प्रभारी व प्रभारी प्रकोष्ठ व विभाग रखे गए। माना जा रहा है कि इस बार उपाध्यक्षों की संख्या प्रदेश मंत्रियों से कम रखी जा सकती है।
सात में से तीन महामंत्री अवध क्षेत्र के हैं, जबकि पश्चिम एवं कानपुर क्षेत्र का कोई प्रतिनिधित्व नहीं है। इसे संतुुलित किया जाएगा। कानपुर से सलिल विश्नोई, कमलावती सिंह, मानवेंद्र सिंह एवं देवेंद्र कोरी के रूप में चार उपाध्यक्ष हैं, जिसे घटाया जाएगा।
पश्चिम क्षेत्र से पंकज सिंह, कांता कर्दम, सुरेंद्र नागर, सत्यपाल सैनी, सुनीता दयाल एवं मोहित बेनीवाल के रूप में छह उपाध्यक्ष हैं, जिसमें से नागर राष्ट्रीय मंत्री बनाए जा चुके हैं। अब एक क्षेत्र से छह उपाध्यक्षों की संख्या में बदलाव किया जाएगा। काशी क्षेत्र में उपाध्यक्षों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
पदाधिकारियों का कहना है कि चुनावी साल में प्रदेश पदाधिकारियों की संख्या बढ़ाकर ज्यादा विधानसभा सीटों को साधा जा सकता है। छह क्षेत्रीय अध्यक्षों को बदलने की स्थिति में उनका भी समायोजन प्रदेश टीम में किया जाना है, लेकिन जगह नहीं बनी तो उन्हें मोर्चों के प्रभारी के रूप में भूमिका दी जाएगी।
