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नोएडा के डिफाल्टर बिल्डर्स के खिलाफ होगी कार्रवाई, अधिकारियों से मांगी गई रिपोर्ट

Published: Tue, 19 May 2026 11:37 PM (IST)

औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने नोएडा के डिफाल्टर बिल्डरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। ...और पढ़ें

नोएडा के डिफाल्टर बिल्डर्स के खिलाफ होगी कार्रवाई।

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राज्य ब्यूरो, लखनऊ। औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने नोएडा के डिफाल्टर बिल्डरों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। उन्होंने कहा कि न्यू ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण (नोएडा) में छह बिल्डर्स ने अभी तक 25 प्रतिशत राशि जमा नहीं की है। इसलिए इनके विरुद्घ कार्रवाई कर औद्योगिक विकास विभाग को सूचित किया जाए।

उन्होंने अधिकारियों को बिल्डर्स-बायर्स विवाद को समाप्त कराने के निर्देश दिए। उन्होंने वर्षों से अधूरे पड़े प्रोजेक्टों को पूरा कराने को भी कहा है।

उन्होंने मंगलवार को पिकप भवन में न्यू ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण के कार्यों की समीक्षा की और कहा कि नोएडा में कई मामले हैं जिनमें लोगों ने फ्लैट बुक कराए थे, लेकिन रजिस्ट्री न होने के कारण किराए के मकान में रह रहे हैं।

उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि सनसाईन इंफ्रा, महागुन, अंतरिक्ष डेवलपर,परफेक्ट एसोटेक बिल्डर्स पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने एकल निविदा पर किए जा रहे आवंटन गलत बताया और कहा कि इस मामले की रिपोर्ट जल्द से जल्द प्रस्तुत किया जाए।

औद्योगिक विकास मंत्री ने पांच प्रतिशत प्लाटों के बैकलाग को हर हाल में तीन महीने में समाप्त किए जाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। साथ ही कहा कि नोएडा में बड़े पैमाने पर अवैध कब्जा किए जाने की शिकायतें आ रही हैं। उन्होंने अवैध कब्जों को रोकने के लिए विशेष तौर पर अधिकारियों की तैनाती के भी निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि नोएडा के सभी 168 सेक्टर में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने और लापरवाही बरतने पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर भारी जुर्माना लगाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नोएडा को और अधिक हरा-भरा व सुंदर बनाया जाए। पार्कों की स्थिति को ठीक किया जाए।

उन्होंने जल आपूर्ति के साथ ही, शौचालय की साफ-सफाई बेहतर न होने की आ रही शिकायतों को लेकर अधिकारी को फटकार लगाई। कहा कि पिछले नौ वर्ष से एकल निवादा पर एक ही फर्म को कार्य दिया जा रहा है, जो जांच के दायरे में आता है।

मंत्री ने सीईओ को मामले की जांच कराने और दोषी पाए जाने पर संबंधित फर्म को ब्लैक लिस्ट किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि पिछले वर्षों में जितनी भी आरएफपी बनाई गई है, उसकी जांच कराई जाए।

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