यूपी पीईटी-2026 की परीक्षा में कारगर रहा एआई का उपयोग, 21 संदिग्ध अभ्यर्थी चिह्नित
Use of AI in UP PET-2026: परीक्षा के संचालन और निगरानी के लिए 2,744 सेक्टर व स्टैटिक मजिस्ट्रेट और लगभग 93,738 अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई।

अभ्यर्थियों की पहचान करने के लिए आधार प्रमाणीकरण, एआइ आधारित फेस रिकग्निशन और बायोमेट्रिक जांच की व्यवस्था

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डिजिटल डेस्क, लखनऊ : उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी)-2026 में सख्ती काफी कारगर रही। इस परीक्षा में पहली बार एआई (AI) का प्रयोग किया गया, जिसके परिणाम काफी अच्छे रहे। परीक्षा तीन दिन छह पालियों में होगी। पहले दिन की सख्ती को देखते हुए बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। पहले दिन 8.21 लाख अभ्यर्थियों ने प्रारंभिक अर्हता परीक्षा दी।
गाजियाबाद में दूसरे अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा देते एक युवक को पकड़ा गया। दूसरी पाली में पवन कुमार शर्मा, रजनेश शर्मा के स्थान पर परीक्षा दे रहा था। उसके विरुद्ध संबंधित धाराओं में प्राथमिकी (एफआइआर) दर्ज कराई गई है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से दोनों पालियों में कुल 21 अभ्यर्थियों को संदिग्ध चिह्नित किया गया है। इनमें पहली पाली के 14 और दूसरी पाली के सात अभ्यर्थी शामिल हैं। आयोग के अनुसार, सभी संदिग्ध अभ्यर्थियों के मामलों की गहन जांच की जा रही है। जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर उनके विरुद्ध भी विधिक कार्रवाई की जाएगी।
पहले दिन 11.80 लाख में से 8.21 लाख अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा
प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी)-2026 के पहले दिन रविवार को 11.80 लाख आवंटित अभ्यर्थियों में से 8.21 लाख ने परीक्षा दी। कुल उपस्थिति 69.63 प्रतिशत रही। परीक्षा में नकल रोकने और अभ्यर्थियों की पहचान करने के लिए आधार प्रमाणीकरण, एआइ आधारित फेस रिकग्निशन और बायोमेट्रिक जांच की व्यवस्था की गई थी। परीक्षा केंद्रों पर 31,602 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की गई, जबकि इलेक्ट्रानिक संचार रोकने के लिए 20 जिलों में जैमर लगाए गए।
35,41,297 अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र जारी
आयोग ने तीन दिन की परीक्षा के लिए कुल 35,41,297 अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र जारी किए हैं। रविवार के बाद अब परीक्षा 30 अक्टूबर व एक नवंबर को प्रदेश के 60 जिलों के 1,372 केंद्रों पर दो पालियों में होनी है। परीक्षा के संचालन और निगरानी के लिए 2,744 सेक्टर व स्टैटिक मजिस्ट्रेट और लगभग 93,738 अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई थी। आयोग मुख्यालय के कंट्रोल रूम के साथ जिला मुख्यालयों पर भी कमांड और लाइव सीसीटीवी कंट्रोल रूम बनाए गए थे।
उपस्थिति भी बायोमेट्रिक तरीके से दर्ज
केंद्रों पर उपस्थित अभ्यर्थियों का फोटो और आंखों की पुतली (आइरिस) का बायोमेट्रिक डाटा लिया गया। परीक्षा ड्यूटी में लगे कर्मचारियों की उपस्थिति भी बायोमेट्रिक तरीके से दर्ज की गई। प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की तलाशी ली गई और मोबाइल फोन, ब्लूटूथ, स्मार्ट वाच, स्मार्ट ग्लास समेत प्रतिबंधित इलेक्ट्रानिक उपकरणों को परीक्षा कक्ष में ले जाने पर रोक रही।
