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UPSSSC PET 2026 : अयोध्या में शराब के नशे में पहुंचा अभ्यर्थी, परीक्षा केंद्र से मेडिकल कराने भेजा गया अस्पताल

Published: Sun, 25 Oct 2026 06:53 PM (IST)

UP PET 2026: उत्तर प्रदेश के साथ सात-आठ राज्यों के अभ्यर्थी बेहद गंभीर हैं, लेकिन अयोध्या के एक केंद्र पर अंबेडकरनगर का ऐसा अभ्यर्थी पहुंचा जो चर्चा का केंद्र है।

गवर्नमेंट इंटर कॉलेज, कोतवाली -UP PET-2026 की परीक्षा केंद्र

गवर्नमेंट इंटर कॉलेज, कोतवाली -UP PET-2026 की परीक्षा केंद्र 

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डिजिटल डेस्क, लखनऊ : उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC)  की प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी-2026) को सरकारी नौकरी पाने की दौड़ माना जा रहा है। इसमें उत्तीर्ण अभ्यर्थी को ही उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की परीक्षा में शामिल होने के लिए अहर्ता दी जाएगी। इसके लेकर उत्तर प्रदेश के साथ सात-आठ राज्यों के अभ्यर्थी बेहद गंभीर हैं, लेकिन अयोध्या के एक केंद्र पर अंबेडकरनगर का ऐसा अभ्यर्थी पहुंचा जो चर्चा का केंद्र है।

अयोध्या में UP PET-2026 की परीक्षा केंद्र गवर्नमेंट इंटर कॉलेज, कोतवाली की द्वितीय पाली में 23 वर्षीय एक अभ्यार्थी राहुल कुमार शुक्ला पुत्र काशी प्रसाद शुक्ला निवासी ग्राम व पोस्ट डबसहमर जनपद अयोध्या परीक्षा देने आया था। वह केंद्र पर पहुंचा, लेकिन शराब के अत्यधिक नशे में था। इसके बाद वहां मौजूद मजिस्ट्रेट ने उसको परीक्षा कक्ष में नहीं बैठने दिया गया। उसको मेडिकल के लिए जिला चिकित्सालय भेजा गया और वहीं भर्ती कराया गया।

गणित के सवालों में उलझे परीक्षार्थी

प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) में परीक्षार्थियों को गणित के सवालों में सबसे ज्यादा परेशानी हुई। मैथ के कैलकुलेशन वाले सवालों में परीक्षार्थी उलझे नजर आए। परीक्षा के बाद बाहर निकले छात्रों ने बताया कि पेपर का स्तर मध्यम से कठिन था। हिंदी व रीजनिंग के सवाल आसान थे, लेकिन गणित के सवालों ने समय ज्यादा लिया। कई सवालों में लंबी कैलकुलेशन करनी पड़ी, जिससे समय प्रबंधन में दिक्कत हुई। प्रतिशत, लाभ-हानि और समय-दूरी के सवालों में ज्यादा समय लगा। एक अन्य परीक्षार्थी ने बताया कि कैलकुलेशन में उलझने के कारण कई सवाल छूट गए। परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था थी। प्रवेश से पहले परीक्षार्थियों की सघन चेकिंग की गई। मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट और अन्य सामान अंदर ले जाने पर रोक थी।

तीन दिन तक छह पालियों में परीक्षा

उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षा 25 व 30 अक्टूबर तथा एक नवंबर को आयोजित की जा रही है। इसके लिए प्रदेश के 60 शहरों में 1372 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। छह पालियों में होने वाली परीक्षा के पहले दिन करीब 12 लाख अभ्यर्थी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से कहा कि परीक्षा के संबंध में इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने वाली भ्रामक सूचनाओं पर पुलिस कड़ी नजर रखे और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे। अभ्यर्थियों को खानपान की वस्तुएं निर्धारित दरों पर ही उपलब्ध कराई जाएं। उनसे किसी भी तरह की अधिक वसूली नहीं होनी चाहिए।

नकल पर आजीवन कारावास

अनुचित साधनों का प्रयोग करने के मामलों में आजीवन कारावास और एक करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रविधान है। कुछ अभ्यर्थियों ने परीक्षा केंद्र दूर आवंटित किए जाने की शिकायत की है। आयोग के अनुसार, केंद्रों का निर्धारण अभ्यर्थियों की श्रेणी के आधार पर किया गया है।

अभ्यर्थियों की श्रेणी के आधार पर किया केंद्रों का निर्धारण

दिव्यांग अभ्यर्थियों को गृह जनपद, महिला अभ्यर्थियों को गृह मंडल के जनपदों और अन्य अभ्यर्थियों को गृह मंडल से बाहर नजदीकी मंडल के जिलों में केंद्र आवंटित किए गए हैं। वीआइपी मूवमेंट के कारण वाराणसी में परीक्षा केंद्र नहीं बनाया गया है। पीईटी में उत्तर प्रदेश के अभ्यर्थियों के साथ पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़ और बिहार समेत अन्य राज्यों के अभ्यर्थी भी शामिल हैं।