यूपी में धान खरीद नीति को मंजूरी, अब 25% टूटे चावल नहीं खरीदेगी योगी सरकार; नियमोंं में किया बड़ा बदलाव
उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए धान खरीद नीति को मंजूरी दी है, जिसमें चावल मिलों ...और पढ़ें

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HighLights
टूटे चावल की स्वीकार्य सीमा 25% से 10% हुई।
धान खरीद का लक्ष्य 65 लाख टन निर्धारित किया गया।
किसानों को ऑनलाइन भुगतान, चावल बोरियों पर क्यूआर कोड।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। इस बार चावल मिलों से लिए जाने वाले चावल में टूटे दानों (ब्रोकेन राइस) की स्वीकार्य सीमा 25 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर दी गई है। पहले चरण में यह व्यवस्था 10 जिलों में लागू की जाएगी। इसके लिए जिलों को चिह्नित करने की प्रक्रिया चल रही है।
चावल की बोरियों पर क्यूआर कोड लगाया जाएगा, जिससे चावल की पहचान करने के साथ ही मिल मालिकों और आपूर्ति से जुड़ी जानकारी की निगरानी की जा सकेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट की बैठक में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 की धान खरीद नीति को मंजूरी दी गई।
65 लाख टन धान खरीदने का लक्ष्य
धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 72 रुपये प्रति क्विंटल बढ़कर सामान्य धान के लिए 2441 रुपये और ग्रेड-ए धान के लिए 2461 रुपये होगा। पिछले वर्ष सामान्य धान 2369 रुपये और ग्रेड-ए धान 2389 रुपये प्रति क्विंटल था। पश्चिमी उप्र में 15 अक्टूबर और पूर्वी उप्र में एक नवंबर से धान खरीद शुरू होगी। 4500 क्रय केंद्रों के माध्यम से इस वर्ष 65 लाख टन धान खरीदने का लक्ष्य रखा गया है।
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किसानों को भुगतान आनलाइन किया जाएगा। खाद्य एवं रसद विभाग के साथ प्रादेशिक कोआपरेटिव फेडरेशन (पीसीएफ), उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव यूनियन (पीसीयू), मंडी परिषद, नेफेड (नेशनल एग्रीकल्चरल कोआपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन), एनसीसीएफ (नेशनल कोआपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन) और भारतीय खाद्य निगम (एफसीआइ) धान खरीदेगा।
