UP Weather Today: मानसून की विदाई के बीच फिर बदलेगा मौसम, वाराणसी-बलिया समेत 10 जिलों में बारिश का अलर्ट
उत्तर प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की पूरी तरह विदाई हो चुकी है, लेकिन मौसम में बदलाव के साथ कुछ जिलों में हल्की बारिश की संभावना है।

प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
उत्तर प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की पूर्ण विदाई हो चुकी है।
वाराणसी, बलिया सहित कुछ जिलों में हल्की बारिश की संभावना।
इस वर्ष प्रदेश में सामान्य से 8% अधिक वर्षा दर्ज हुई।
जागरण संवाददाता, लखनऊ। उत्तर प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून-2026 की पूरी तरह से वापसी हो चुका है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, आसमान साफ होने, सतही स्तर पर उत्तरी, उत्तरी-पश्चिमी हवाओं के प्रभाव और वायुमंडलीय आर्द्रता में गिरावट के कारण तीन अक्टूबर को मानसून प्रदेश के बाकी हिस्सों से भी विदा हो गया।
हालांकि मौसम में थोड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। आज के दिन प्रदेश के कुछ जिलों में हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो सकती है। वाराणसी और बलिया समेत करीब 10 जिलों में बारिश के आसार हैं।
प्रदेश में मानसून की कुल अवधि 95 दिन रही। इस वर्ष सामान्य से आठ फीसदी अधिक वर्षा दर्ज की गई साथ ही, सबसे अधिक बारिश चित्रकूट में हुई। वहां सर्वाधिक 1358.1 मिमी वर्षा हुई, वहीं राज्य के कुल 14 जिलों में 1000 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज की गई। वहीं, लखनऊ में औसत से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। यहां दीर्घावधि औसत की तुलना में 8% अधिक कुल 802.9 मिमी वर्षा हुई।
इस वर्ष मानसून का आगमन 18 जून को होना था, लेकिन 12 दिन के देरी से 30 जून को उत्तर प्रदेश पहुंचा और दो जुलाई तक पूरे राज्य में छिपा हुआ था। इसके बाद 23 सितंबर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश से इसकी वापसी शुरू हुई थी।
एक जून-30 सितंबर के दौरान उत्तर प्रदेश में प्रादेशिक वर्षा सामान्य श्रेणी में दर्ज की गई। प्रदेश भर में 746.2 मिमी के दीर्घावधि औसत की तुलना में 8% अधिक कुल 802.9 मिमी वर्षा हुई। इस दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में दीर्घावधि औसत (799.2 मिमी) से 2% अधिक (817.0 मिमी) और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में औसत (672.0 मिमी) से 16% अधिक (782.7 मिमी) वर्षा हुई।
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इन जिलों में हुई इतनी वर्षा
- सामान्य से अधिक वर्षा : चित्रकूट, बांदा, कन्नौज, कानपुर सिटी, एटा, हमीरपुर, महोबा, मेरठ, संभल सहित नौ जिलों।
- सामान्य से कम वर्षा : देवरिया, कुशीनगर, गाजियाबाद, शामली सहित 16 जिलों में।
- औसत से अधिक और कम वर्षा : प्रदेश के 37 जिलों में दीर्घावधि औसत से कम और इतने ही जिलों में औसत से अधिक वर्षा हुई, जबकि आगरा जिले में औसत वर्षा हुई।
