यूपी में पुराने धर्मकांटों से मिलेगा छुटकारा, 5.15 करोड़ की लागत से 48 कृषि मंडियों और उपमंडियों में सुधरेगी तौल प्रणाली
उत्तर प्रदेश की कृषि मंडियों में किसानों को अब पुराने वे-ब्रिजों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। मंडी परिषद 5.15 करोड़ ...और पढ़ें
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HighLights
मंडी परिषद 48 मंडियों में तौल व्यवस्था का आधुनिकीकरण करेगी।
5.15 करोड़ रुपये से 71 पुराने वे-ब्रिज सुधारे जाएंगे।
किसानों को मुफ्त और आधुनिक तौल सुविधा उपलब्ध होगी।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश की कृषि मंडियों में किसानों को उपज की तौल के लिए अब पुराने वे-ब्रिजों के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा। मंडी परिषद ने तौल व्यवस्था को आधुनिक और अधिक सक्षम बनाने की तैयारी है। इसके तहत 48 मंडियों व उपमंडी स्थलों में 10 वर्ष से अधिक पुराने 71 वे-ब्रिजों का नवीनीकरण, क्षमता वृद्धि और उच्चीकरण कराया जाएगा। कृषि उत्पादन मंडी परिषद ने इसके लिए 5.15 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि स्वीकृत की है।
मंडी परिषद के वे-ब्रिजों पर कृषि उपज की तौल की सुविधा निश्शुल्क है। किसान अपनी उपज की तौल बिना किसी शुल्क के करा सकते हैं। ऐसे में पुराने वे-ब्रिजों के आधुनिकीकरण से बिना किसी अतिरिक्त आर्थिक बोझ से किसानों को बेहतर तौल सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
परिषद पहले भी चरणबद्ध तरीके से 50 मंडियों में वे-ब्रिज को अपग्रेड कर तौल पर्ची ऑनलाइन करने की व्यवस्था कर चुकी है। निदेशक मंडी परिषद जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा है कि मंडियों की सुविधाओं के विस्तार व आधुनिकीकरण पर जोर दिया जा रहा है, जिससे किसान जब अपनी उपज लेकर मंडी पहुंचे तो उसे आवागमन, नीलामी, भंडारण और तौल जैसी आवश्यक सुविधाएं आसानी से मिल सके।