UP विधान परिषद चुनाव: ऑनलाइन जानें अपना मतदेय स्थल और वोटर लिस्ट में क्रम संख्या
विधान परिषद के स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाता अब घर बैठे ऑनलाइन अपना मतदेय स्थल और मतदाता सूची में क्रम संख्या जान सकेंगे।

एआई जनरेटेड तस्वीर।
HighLights
मतदाता ऑनलाइन मतदेय स्थल और क्रम संख्या जान सकेंगे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने वेबसाइट पर सुविधा उपलब्ध कराई।
मतदान के लिए कई वैकल्पिक पहचान पत्र मान्य होंगे।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। मतदान के दिन मतदेय स्थल खोजने और मतदाता सूची में अपना नाम व क्रम संख्या पता करने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। विधान परिषद के स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाता घर बैठे ऑनलाइन यह जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने मतदाताओं की सुविधा के लिए अपनी वेबसाइट पर यह व्यवस्था उपलब्ध कराई है। इससे मतदाता मतदान से पहले ही अपने मतदेय स्थल का पता लगा सकेंगे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि विधान परिषद के 5 स्नातक और 6 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 23 अक्टूबर को सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक मतदान होगा। मतदाता वेबसाइट (https://ceouttarpradesh.nic.in) पर जाकर अपने मतदेय स्थल और मतदाता सूची में क्रम संख्या की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसमें संबंधित स्नातक या शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र और जिले का चयन करना होगा। मतदाता अपना नाम, संबंधी का नाम या दोनों नाम दर्ज कर सकते हैं।
नाम के प्रथम अथवा द्वितीय अक्षर के आधार पर भी खोज का विकल्प दिया गया है। इसके बाद कैप्चा कोड भरने पर संबंधित मतदाता के मतदेय स्थल और मतदाता सूची में क्रम संख्या की जानकारी स्क्रीन पर आ जाएगी।
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मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदान के समय मतदाता फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा। यदि किसी कारणवश मतदाता यह पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं कर पाते हैं, तो आयोग की ओर से निर्धारित वैकल्पिक फोटोयुक्त पहचान दस्तावेजों में से कोई एक दिखाकर अपनी पहचान प्रमाणित कर सकते हैं।
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इनमें आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, सरकारी विभागों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, स्थानीय निकायों और अन्य निजी औद्योगिक संस्थानों की ओर से कर्मचारियों को जारी सेवा पहचान पत्र शामिल हैं। सांसदों, विधायकों एवं पार्षदों को जारी सरकारी पहचान पत्र और संबंधित शिक्षक या स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचक की शैक्षणिक संस्था की ओर से जारी सेवा पहचान पत्र भी मान्य होंगे।
इसके अलावा विश्वविद्यालय की ओर से जारी डिग्री या डिप्लोमा का मूल प्रमाण पत्र, सक्षम प्राधिकारी की ओर से जारी दिव्यांगता संबंधी मूल प्रमाण पत्र तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से जारी यूनीक डिसेबिलिटी आइडी कार्ड भी वैकल्पिक पहचान दस्तावेज के रूप में स्वीकार किए जाएंगे।
