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यूपी में SIR के बाद छूटे नामों को वोटर लिस्ट में जोड़ने के लिए चलेगा अभियान, घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे बीएलओ

Published: Wed, 07 Oct 2026 07:09 PM (GMT+05:30)

उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद भी छूटे पात्र मतदाताओं को जोड़ने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जाएगा।

प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रतीकात्मक तस्वीर

HighLights

  1. बीएलओ घर-घर जाकर छूटे मतदाताओं का सत्यापन करेंगे।

  2. पात्र युवाओं और नागरिकों को फॉर्म-6 भरवाकर सूची में जोड़ेंगे।

  3. बूथ स्तर पर विशेष शिविर और जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 के बाद भी यदि किसी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से छूट गया है तो उसे जोड़ने के लिए प्रदेश में विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसमें बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) पुरानी और मौजूदा मतदाता सूची का मिलान कर छूटे मतदाताओं को चिह्नित करेंगे और घर-घर जाकर उनकी वर्तमान स्थिति का सत्यापन करेंगे। वहीं, पहली बार मतदान करने वाले युवाओं और अन्य पात्र नागरिकों से फार्म-6 भरवाकर उनका नाम मतदाता सूची में शामिल कराया जाएगा।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बुधवार को मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्यीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में अभियान की रूपरेखा साझा की और उनसे सुझाव व सक्रिय सहयोग मांगा। कहा कि मतदाता पंजीकरण सतत प्रक्रिया है और कोई भी पात्र नागरिक किसी भी समय मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

अभियान के तहत बीएलओ इस वर्ष 10 अप्रैल को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची का सात जनवरी 2025 को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची और उसकी पूरक सूचियों से मिलान करेंगे। पुरानी सूची में नाम होने के बावजूद वर्तमान सूची में नाम नहीं मिलने वाले मतदाताओं को चिह्नित किया जाएगा। इसके बाद बीएलओ घर जाकर उनकी मौजूदा स्थिति की जानकारी जुटाएंगे।

बूथ स्तर पर लगाए जाएंगे विशेष शिविर

चिह्नित मतदाताओं की सूची मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) के साथ साझा की जाएगी। बूथ स्तर पर तैयार सूची को निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी उपलब्ध कराएंगे, ताकि छूटे हुए पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल कराने का एक और अवसर मिल सके।

मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए बूथ स्तर पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे। रात्रि आश्रयों, लेबर कालोनियों, आश्रयहीन तथा मुख्यधारा से वंचित लोगों को अभियान में विशेष रूप से शामिल किया जाएगा। शिक्षण संस्थानों, स्वीप गतिविधियों, स्थानीय जनसंपर्क और नियमित प्रेस ब्रीफिंग के जरिए भी व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

जिला निर्वाचन अधिकारी और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी अभियान की नियमित समीक्षा और निगरानी करेंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि विधान सभा चुनाव-2027 के मद्देनजर एक जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची के संक्षिप्त पुनरीक्षण के लिए भारत निर्वाचन आयोग से अनुरोध किया गया है। बैठक में भाजपा, कांग्रेस, सपा, बसपा, अपना दल (एस), सीपीआई (एम), के प्रतिनिधि मौजूद थे।

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