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तेलंगाना की तकनीक, पंजाब की निगरानी और राजस्थान के कौशल विकास मॉडल से सीख लेगा उत्तर प्रदेश

Published: Wed, 07 Oct 2026 11:39 PM (IST)

उत्तर प्रदेश की जेलें अब अन्य राज्यों की सफल व्यवस्थाओं को अपनाएंगी। लखनऊ में हुए प्रशिक्षण में तेलंगाना की तकनीक, ...और पढ़ें

यह तस्वीर एआई के द्वारा बनाई गई है।

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HighLights

  1. तेलंगाना की जेलों में तकनीक का उपयोग प्रभावी निगरानी हेतु।

  2. पंजाब की जेलों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्थाएं साझा की गईं।

  3. राजस्थान में बंदियों के कौशल विकास और पुनर्वास पर चर्चा।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। अब दूसरे राज्यों की जेलों में सफल साबित हो रहीं व्यवस्थाओं को प्रदेश की जेलों में लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाया जाएगा। लखनऊ में आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में तेलंगाना, पंजाब, मध्य प्रदेश और राजस्थान के जेल प्रशासन की बेहतर कार्यप्रणालियों को उदाहरण के तौर पर सामने रखा गया।

अधिकारियों ने इन राज्यों के प्रयोगों को समझने के साथ यह भी देखा कि उत्तर प्रदेश की जेल व्यवस्था में इनमें से किन व्यवस्थाओं को अपनाया जा सकता है। तेलंगाना की जेलों में तकनीक के इस्तेमाल को प्रमुख उदाहरण के तौर पर रखा गया। जेल प्रशासन में तकनीकी माध्यमों के उपयोग से निगरानी और व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाने के प्रयासों पर अधिकारियों को जानकारी दी गई।

इसी तरह पंजाब की जेलों में सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था से जुड़े प्रयोगों पर चर्चा हुई। जेलों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और बंदियों की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखने के तरीकों को प्रशिक्षण में साझा किया गया।

मध्य प्रदेश में बंदियों के सुधार और पुनर्वास के लिए किए जा रहे प्रयास भी प्रशिक्षण का अहम हिस्सा रहे। वहां बंदियों को सुधार और दोबारा समाज की मुख्यधारा में लौटाने से जुड़े प्रयोगों पर जोर दिया जा रहा है। वहीं राजस्थान में बंदियों को कौशल विकास से जोड़ने और प्रशिक्षण के जरिए उन्हें समाज में पुनर्स्थापित करने की कार्यप्रणाली पर चर्चा हुई।

प्रशिक्षण में इन राज्यों की व्यवस्थाओं को सीधे अपनाने के बजाय उत्तर प्रदेश की परिस्थितियों और जरूरतों के अनुरूप उपयोगी प्रयोगों को चिह्नित करने पर जोर रहा। महिला बंदियों और उनके साथ रह रहे बच्चों के लिए उत्तर प्रदेश में किए जा रहे प्रयासों तथा जेलों में संचालित सहकारी समितियों की व्यवस्था को भी साझा किया गया।

तीन दिवसीय प्रशिक्षण में उप कारागार अधीक्षक से लेकर कारागार अधीक्षक स्तर तक के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बुधवार को समापन समारोह में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष व पूर्व महानिदेशक कारागार एसएन साबत ने कहा कि आधुनिक कारागार व्यवस्था केवल अपराध और दंड तक सीमित नहीं है। कार्यक्रम में महानिदेशक कारागार एवं सुधार सेवाएं पीसी मीना समेत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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