UP विधानसभा चुनाव से पहले 'लैंडिंग की जंग', 736 हेलीपैड बनाने में जमीन बनी बाधा
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले 736 हेलीपैड बनाने की योजना भूमि की अनुपलब्धता के कारण धीमी पड़ गई ...और पढ़ें

118 हेलीपैड के लिए पीडब्ल्यूडी शासन को भेजने जा रहा है प्रस्ताव। जागरण
HighLights
विधानसभा चुनाव से पहले 736 हेलीपैड निर्माण में भूमि बाधा।
प्रस्तावित 736 में से केवल 118 हेलीपैडों को मिली जमीन।
लोक निर्माण विभाग को दिसंबर तक लक्ष्य पूरा करने में चुनौती।
राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ। विधान सभा चुनाव से पहले प्रत्येक तहसील और ब्लाक में एक हेलीपैड बनाने की योजना को गति नहीं मिल पा रही है। भूमि की अनुपलब्धता इस कार्य में बाधा बनी हुई है। प्रस्तावित 736 हेलीपैडों में से अब तक केवल 118 के लिए ही भूमि उपलब्ध हो पाई है। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव ने सभी जिलों के जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे हेलीपैड निर्माण के लिए भूमि शीघ्र उपलब्ध कराएं।
सरकार की मंशा के अनुसार, लोक निर्माण विभाग दिसंबर तक 736 हेलीपैड का निर्माण पूरा करने की योजना पर कार्य कर रहा है। भूमि की अनुपलब्धता के कारण विभाग इस कार्य को तेजी से आगे नहीं बढ़ा पा रहा है। यदि हेलीपैड विधान सभा चुनाव से पहले बन जाते हैं तो वीवीआइपी मूवमेंट के लिए हर 20 किमी पर एक हेलीपैड उपलब्ध हो जाएगा।
पीडब्ल्यूडी के विभागाध्यक्ष एके द्विवेदी के अनुसार, जिन 118 हेलीपैड के लिए भूमि मिल गई है, उनका प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जा रहा है। इसके अलावा, 17 पुराने हेलीपैड की मरम्मत का कार्य भी विभाग को करना है। जैसे-जैसे भूमि उपलब्ध होगी, शेष हेलीपैडों का निर्माण किया जाएगा।
प्रत्येक हेलीपैड के लिए 100 मीटर लंबाई और 100 मीटर चौड़ाई की भूमि की आवश्यकता है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय के मानकों के अनुसार, हेलीपैड से सटे पूर्व और पश्चिम की दिशा में 250 मीटर तक कोई ऊंचा अवरोध नहीं होना चाहिए।
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गौरतलब है कि वीवीआइपी मूवमेंट और आपदा के समय अस्थाई हेलीपैड तैयार करने में समय और धन की बर्बादी रोकने के लिए प्रत्येक तहसील और ब्लाक में स्थाई हेलीपैड बनाने की योजना है। एक हेलीपैड के निर्माण में औसतन एक करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। सभी हेलीपैड बन जाने पर हर औसतन 20 किमी की दूरी पर हेलीपैड उपलब्ध होगा। इन हेलीपैडों पर पीडब्ल्यूडी का स्वामित्व होगा। निजी क्षेत्र के हेलीकाप्टर भी शुल्क देकर इनका उपयोग कर सकेंगे।
