विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यूपी में 900 नई अदालतें में जल्द होंगी बंपर भर्तियां; जस्टिस डिपार्टमेंट ने जारी किया सरकारी आदेश

Published: Thu, 17 Sep 2026 09:59 PM (IST)

प्रदेश सरकार ने 900 नई अदालतों के गठन और 9084 पदों (6656 नियमित, 2428 आउटसोर्स) के सृजन का आदेश जारी किया है। इससे लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी आएगी।

News Article Hero Image

HighLights

  1. प्रदेश में 900 नई अदालतों का गठन, 9084 पद सृजित।

  2. लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण में मिलेगी बड़ी सहायता।

  3. भर्ती प्रक्रिया मौजूदा रिक्तियों के बाद होगी शुरू।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश सरकार ने गुरुवार को 900 नई अदालताें के गठन के साथ ही उनके सहवर्ती पदों का सृजन का आदेश जारी कर दिया है। इसमें 6656 नियमित व 2428 आउटसोर्स के पद शामिल हैं। न्याय विभाग के प्रमुख सचिव उदय प्रताप सिंह ने इसका शासनादेश जारी कर दिया है। इस निर्णय से अलग-अलग स्तर की अदालतों में लंबित मामलों के निस्तारण की क्षमता बढ़ेगी और आमजन को न्याय के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

मंगलवार 15 सितंबर की कैबिनेट बैठक में यह प्रस्ताव पास हुआ था। गुरुवार को जारी शासनादेश के अनुसार 900 न्यायालय प्रदेश के विभिन्न जिलों में गठित किए गए हैं। इनमें 237 अपर जिला एवं सत्र न्यायालय, 391 सिविल जज (सीनियर डिवीजन) और 272 सिविल जज (जूनियर डिवीजन) स्तर के न्यायालय शामिल हैं।

ये न्यायालय प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्थापित होंगे। नवसृजित न्यायालयों में भर्ती प्रक्रिया तत्काल शुरू नहीं होगी। शासन ने स्पष्ट किया है कि पहले वर्तमान में स्वीकृत पदों के सापेक्ष रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी।

इसके बाद नवसृजित पदों के लिए आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता के आधार पर भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी। शेष चरणों में प्रस्तावित न्यायालयों और पदों के सृजन पर उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं और वित्तीय संसाधनों को देखते हुए निर्णय लिया जाएगा।

यह भी पढ़ें- चित्रकूट में सरयू नदी की खोज के लिए सैटेलाइट और रोवर तकनीक का सहारा लेगा विभाग, होगा वैज्ञानिक सर्वे

900 न्यायालयों के लिए अर्दली, चपरासी और दफ्तरी की मानव शक्ति के समतुल्य पदों का सृजन नहीं किया जाएगा। इन सेवाओं के लिए सरकार की निर्धारित आउटसोर्सिंग व्यवस्था का पालन किया जाएगा। इसके लिए कार्मिक विभाग, श्रम विभाग तथा एमएसएमई विभाग के संबंधित शासनादेशों और जेम पोर्टल से जुड़ी व्यवस्था का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

यह भी पढ़ें- यूपी में जमीन फाड़कर निकाला जाएगा पानी का खजाना: कानपुर से प्रयागराज के बीच मिली 200 KM लंबी प्राचीन नदी

प्रदेश के जिला न्यायालयों में 1.20 करोड़ से अधिक वाद लंबित हैं। न्यायालयों की संख्या कम होने के कारण मामलों के शीघ्र निस्तारण में दिक्कत आ रही है। इसी को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर राष्ट्रीय अदालत प्रबंधन प्रणाली समिति (एनसीएमएससी) की रिपोर्ट के आधार पर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने विभिन्न श्रेणी की 9149 अदालतों की जरूरत का आकलन किया है। इसी के तहत पहले चरण में 900 अदालतों के गठन का आदेश जारी हुआ है।