यूपी के किसानों के लिए खुशखबरी: 72 रुपये बढ़ा धान का समर्थन मूल्य, 15 अक्टूबर से 500 केंद्रों पर खरीद की तैयारी
केंद्र सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए सामान्य धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) ₹72 बढ़ाकर ₹2441 प्रति क्विंटल कर दिया है।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹72 बढ़कर ₹2441 प्रति क्विंटल हुआ।
उत्तर प्रदेश में 15 अक्टूबर से 500 नए क्रय केंद्र खुलेंगे।
किसानों को पंजीकरण के बाद समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।
परवेज अहमद, लखनऊ। धान बेचने वाले किसानों को इस बार पिछले वर्ष की तुलना में अधिक दाम मिलेगा। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए केंद्र सरकार ने सामान्य धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 72 रुपये बढ़ाकर 2441 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। इसी तरह ग्रेड-ए धान का एमएसपी भी 72 रुपये बढ़कर 2461 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है।
प्रदेश में धान खरीद की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। करीब 500 क्रय केंद्र खोलने का प्रस्ताव है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 50 अधिक होंगे। अक्टूबर के तीसरे सप्ताह से खरीद शुरू करने की तैयारी है।
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 62.30 लाख टन धान खरीद का लक्ष्य रखा गया था। इसके मुकाबले 103.83 लाख टन धान खरीदा गया था। इस बार भी धान खरीद का लक्ष्य 62.30 लाख टन बनाए रखा गया है। अंतिम खरीद नीति जारी होने के बाद इसमें आंशिक बदलाव संभव है।
इस वर्ष अधिक किसानों को नजदीकी केंद्र पर धान बेचने की सुविधा देने की तैयारी है। इसके लिए क्रय केंद्रों पर पंजीकरण, सत्यापन और तौल की व्यवस्था समय से पूरी करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
किसानों को उपज बेचने के बाद भुगतान भी समय से ऑनलाइन कराने की व्यवस्था की जा रही है। अधिकारियों को खरीद केंद्रों की निगरानी करने और किसानों की शिकायतों का समय से निस्तारण कराने के निर्देश दिए गए हैं।
धान बेचने के लिए किसानों का पंजीकरण और सत्यापन किया जाएगा। खरीद प्रक्रिया से जुड़ी किसानों की जानकारी समय से उपलब्ध कराने और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करने पर जोर है, ताकि केंद्र पर पहुंचने के बाद उन्हें कागजी प्रक्रिया के कारण इंतजार न करना पड़े। धान खरीद नीति को अंतिम रूप देने के बाद इसे जल्द ही कैबिनेट के समक्ष रखा जा सकता है।
धान खरीद में खाद्य एवं रसद विभाग के साथ पीसीएफ (प्रादेशिक कोआपरेटिव फेडरेशन), पीसीयू (उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव यूनियन), मंडी परिषद, नेफेड (नेशनल एग्रीकल्चरल कोआपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन), एनसीसीएफ (नेशनल कोआपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन) और भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) की भूमिका रहेगी। सभी एजेंसियों को अपने-अपने क्रय केंद्रों पर जरूरी व्यवस्थाएं समय से पूरी करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
