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यूपी में नकली दवाओं के बड़े रैकेट का भंडाफोड़, बेचे गए बिना पैकिंग वाले विटामिन-ई के 6 लाख कैप्सूल; 4 लोगों पर FIR

Published: Mon, 27 Jul 2026 02:00 AM (IST)Updated: Mon, 27 Jul 2026 04:05 AM (IST)

मेरठ में नकली दवाओं के एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हुआ, जहां बिना पैकिंग वाले विटामिन-ई कैप्सूल को एवियान-400 एमजी बताकर बेचा जा रहा था।

प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रतीकात्मक तस्वीर

HighLights

  1. मेरठ में नकली दवा रैकेट का भंडाफोड़, पैकेजिंग मशीनें बरामद।

  2. विटामिन ई कैप्सूल को एवियान-400 एमजी बताकर अवैध बिक्री।

  3. मुख्य आरोपी विकास चौहान सहित चार लोगों पर एफआईआर।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। दवाओं में मिलावटखोरी और बड़ी मात्रा में नकली दवाएं बाजार में पहुंचने से सेहत पर खतरा बढ़ गया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन लगातार छापेमारी कर ऐसे रैकेट को पकड़ रहा है। 24 जुलाई को सहायक आयुक्त (औषधि) मेरठ मंडल के नेतृत्व में आशुतोष मिश्रा औषधि निरीक्षक आगरा, संतोष कुमार पटेल औषधि निरीक्षक मेरठ एवं खाद्य सुरक्षा अधिकारी मेरठ की संयुक्त टीम द्वारा ग्राम खरदौनी शेखपुर थाना इंचोली, जनपद मेरठ स्थित परिसर पर छापेमारी की गई।

मौके से औषधियों की पैकेजिंग में प्रयुक्त होने वाली ब्लिस्टर पैकिंग मशीन, कंप्रेसर मशीन तथा चेंज पार्ट्स बरामद किए गए। पता चला कि फर्म द्वारा छह लाख बिना पैकिंग वाले विटामिन ई-10 एमजी साफ्टजेल कैप्सूल मैसर्स आरएस ग्लोबल फार्मा को बेचे गए।

विभागीय अधिकारियों ने बताया कि मैसर्स आरएस ग्लोबल फार्मा रुद्रपुर, उधम सिंह नगर (उत्तराखंड) एवं विकास चौहान और उसका सहयोगी राजेन्द्र सिंह उर्फ अरुण कुंडा की आपस में गहरी सांठगांठ से एवियान-400 मिलीग्राम सॉफ्टजेल कैप्सूल का लेबल लगाकर दूसरी औषधि बेची जा रही थी।

25 जुलाई को औषधि निरीक्षक दल ने मैसर्स आरएस ग्लोबल फार्मा रुद्रपुर का औचक निरीक्षण किया। इसके बाद औषधि निरीक्षक बागपत, औषधि निरीक्षक मेरठ एवं खाद्य सुरक्षा अधिकारी बागपत के संयुक्त दल ने निर्माता फर्म मैसर्स प्रेस्काट फार्मा जेल प्राइवेट लिमिटेड हाजीपुर विरान, तहसील खेकड़ा, जनपद बागपत पर छापेमारी की। पता चला कि मैसर्स प्रेस्काट फार्मा जेल के पास सिर्फ फूड हेल्थ सप्लीमेंट्स एवं न्यूट्रास्युटिकल्स एफएसएसएआई लाइसेंस (फार्म सी) था, जिसके तहत विटामीन ई-10 एमजी कैप्सूल का निर्माण कर सकते थे।

न्यूट्रिशनल श्रेणी के इन कैप्सूलों को अवैध रूप से प्रोसेस व पैक कर एवियान-400 एमजी बनाकर बाजार में बेचा जा रहा था। अवैध व नकली (काउंटरफीट) औषधि निर्माण का पूरा नेक्सस चलाने के आरोप में थाना इंचोली, मेरठ में मुख्य आरोपी विकास चौहान (अवैध निर्माता), राजेंद्र सिंह उर्फ अरुण कुंडा (सहयोगी), रोहित कुमार (प्रोप्राइटर, मैसर्स आरएस ग्लोबल फार्मा, रुद्रपुर, उत्तराखंड) एवं अमृत पटेल (डायरेक्टर व उत्तरदायी व्यक्ति, मैसर्स प्रेस्काट फार्मा जेल प्रालि, बागपत) के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।

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