यूपी में बंद पड़े सहकारी प्रशिक्षण केंद्रों को नया जीवन देगी योगी सरकार, युवाओं को मिलेंगे रोजगार के अवसर
उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्षों से बंद पड़े सहकारी प्रशिक्षण केंद्रों को फिर से संचालित करने के लिए 23.25 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं।
-1773823945948-1785084722005_m.webp)
सीएम योगी आदित्यनाथ
HighLights
बंद पड़े सहकारी प्रशिक्षण केंद्रों को पुनर्जीवित करेगी सरकार।
वाराणसी, अयोध्या सहित पांच केंद्रों को 23.25 करोड़ रुपये स्वीकृत।
युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण देकर सहकारिता क्षेत्र मजबूत होगा।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश सरकार ने वर्षों से बंद पड़े सहकारी प्रशिक्षण केंद्रों को फिर से संचालित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सहकारिता क्षेत्र को मजबूत बनाने के साथ-साथ इन प्रशिक्षण केंद्रों का कायाकल्प किया जा रहा है, ताकि युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण देकर सहकारिता क्षेत्र के लिए दक्ष मानव संसाधन तैयार किए जा सकें। वाराणसी, अयोध्या, मेरठ, महोबा व इटावा के प्रशिक्षण केंद्र के लिए सरकार 23.25 करोड़ रुपये स्वीकृत कर चुकी है।
सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर ने बताया कि पूर्व में कुप्रबंधन के कारण प्रदेश के कई सहकारी प्रशिक्षण केंद्र बंद हो गए थे और उनके भवन भी जर्जर हो चुके थे। अब इन केंद्रों के पुनरुद्धार के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
इसी क्रम में वाराणसी के सहकारी प्रशिक्षण केंद्र के लिए 4.71 करोड़ रुपये तथा अयोध्या के लिए 7.81 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की जा चुकी है। वहीं मेरठ के लिए 3.93 करोड़ रुपये, महोबा के लिए 1.61 करोड़ रुपये और इटावा के लिए 5.19 करोड़ रुपये की राशि शासन ने स्वीकृत की है।
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा केंद्र में सहकारिता मंत्रालय के गठन के बाद देशभर में सहकारिता से जुड़ी गतिविधियों का तेजी से विस्तार हुआ है।
इसी बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए इन प्रशिक्षण केंद्रों में सहकारी नेतृत्व विकास, प्रबंधन और व्यवसाय उन्नयन से जुड़े डिप्लोमा कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे, जिससे युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और सहकारिता क्षेत्र को प्रशिक्षित कार्यबल उपलब्ध होगा।
