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उत्तर प्रदेश में चुनाव आयोग ने डीएम, एसडीएम के तबादलों पर लगाई रोक, विधानसभा चुनाव के चलते लिया फैसला

Published: Wed, 21 Oct 2026 10:05 PM (IST)

चुनाव आयोग ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान अधिकारियों के तबादलों पर रोक लगा दी है।

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HighLights

  1. मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान तबादलों पर रोक।

  2. 12 नवंबर से 4 जनवरी तक 54 दिन प्रतिबंध।

  3. डीएम, एसडीएम सहित निर्वाचन अधिकारियों पर लागू।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। अगले वर्ष होने वाले विधान सभा चुनाव की मतदाता सूची दुरुस्त करने के लिए चलने वाले विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) के दौरान अधिकारियों के तबादलों पर रोक रहेगी।

12 नवंबर को मतदाता सूची के ड्राफ्ट प्रकाशन से लेकर अगले वर्ष चार जनवरी को अंतिम मतदाता सूची जारी होने तक यानी कुल 54 दिन डीएम, एसडीएम, तहसीलदार सहित निर्वाचन कार्य से जुड़े अधिकारियों को भारत निर्वाचन आयोग की अनुमति के बिना नहीं हटाया जा सकेगा। आयोग ने यह व्यवस्था इसलिए की है, ताकि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन का काम प्रभावित न हो।

तबादला करने से पहले आयोग की अनुमति जरूरी

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बुधवार को बताया कि अगले वर्ष एक जनवरी को अर्हता तिथि मानकर मतदाता सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कराया जाएगा। इस दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ), सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ) समेत पुनरीक्षण कार्य से जुड़े सभी अधिकारियों के पद खाली नहीं रखे जाएंगे। इन पदों पर तैनात अधिकारियों का तबादला करने से पहले आयोग की अनुमति लेनी होगी।

निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, 12 नवंबर को मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद 11 दिसंबर तक मतदाता अपने नाम, पते और अन्य विवरणों से जुड़ी गलतियों को ठीक कराने के लिए दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। एक जनवरी को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवा मतदाता बनने के लिए आवेदन कर सकेंगे। दावे-आपत्तियों का निस्तारण 28 दिसंबर तक किया जाएगा। इसके बाद चार जनवरी, को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 13सीसी के तहत मतदाता सूची तैयार करने और उसमें संशोधन से जुड़े अधिकारी निर्वाचन आयोग के नियंत्रण, निगरानी और अनुशासन के अधीन काम करते हैं। इसी के तहत आयोग ने पुनरीक्षण की प्रक्रिया पूरी होने तक इन अधिकारियों के तबादलों पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

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