यूपी में 454 करोड़ से 11350 ग्राम पंचायतों को मिलेगी बड़ी सौगात, ओम प्रकाश राजभर ने दिया बड़ा अपडेट
उत्तर प्रदेश की 11,350 ग्राम पंचायतों में 454 करोड़ रुपये की लागत से डिजिटल पुस्तकालय स्थापित करने की बाधाएं दूर ...और पढ़ें

पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर।
HighLights
11,350 ग्राम पंचायतों में डिजिटल पुस्तकालय बनेंगे।
परियोजना की लागत 454 करोड़ रुपये है।
यूपीएलसी को एजेंसी के रूप में चुना गया।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश की 11,350 ग्राम पंचायतों में 454 करोड़ रुपये की लागत से डिजिटल पुस्तकालय स्थापित करने की बाधाएं दूर कर दी गई हैं। पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक के बाद कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रानिक कार्य उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रानिक्स कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीएलसी) से कराने का निर्णय लिया है।
फर्नीचर और प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकों की खरीद पंचायती राज निदेशालय के माध्यम से होगी। प्रस्ताव को मंजूरी के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय भेजा गया है।
दूसरे चरण में 11,350 ग्राम पंचायतों में डिजिटल पुस्तकालय स्थापित किया जाना है। इस कार्य के लिए एजेंसी चयन को लेकर मंत्री और पंचायती राज विभाग के अधिकारियों के बीच मतभेद था। मंत्री की सलाह को दरकिनार कर अधिकारियों ने पहले चरण की 11,350 ग्राम पंचायतों की तरह इस चरण की पंचायतों में भी पुस्तकालय स्थापना के लिए कंप्यूटर और इलेक्ट्रानिक उपकरणों की खरीद उत्तर प्रदेश डेवलपमेंट सिस्टम्स कारपोरेशन (यूपीडेस्को) से तथा फर्नीचर और पुस्तकों की खरीद जिला स्तर पर गठित समिति के जरिए कराने का निर्णय लिया था।
इस बात से नाराज मंत्री ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर पुस्तकालयों की स्थापना के काम में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। विवाद बढ़ने पर विभाग के प्रमुख सचिव अनिल कुमार और पंचायती राज निदेशक अमित कुमार सिंह को हटाने के साथ ही मुख्यमंत्री कार्यालय ने डिजिटल पुस्तकालयों की फाइल मंत्री को वापस कर दी थी।
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मंत्री ने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और प्रदेश सरकार की आइटी व इलेक्ट्रानिक क्षेत्र की संस्थाओं के साथ बैठकें की। जिसके बाद यूपीएलसी को एजेंसी के रूप में चुनने का निर्णय लिया गया है।
मंत्री ने कहा कि प्रस्ताव पर मुख्य्मंत्री कार्यालय की स्वीकृति मिलते ही टेंडर जारी किया जाएगा और विधानसभा चुनाव से पहले पुस्तकालयों की स्थापना का काम पूरा कराया जाएगा। हालांकि, प्रमुख सचिव रविंद्र ने कहा कि फाइल पर आदेश होने के बाद ही वह इस संबंध में कुछ बता पाएंगे।
