यूपी में टीचरों की हुई मौज, अब कार्यवाहक प्रधानाचार्यों को भी मिलेगा पूर्ण प्रिंसिपल का वेतन; नए नियम लागू
उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में कार्यवाहक प्रधानाचार्यों को अब 5 साल के अनुभव के बाद पूर्ण प्रधानाचार्य का वेतन ...और पढ़ें

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HighLights
कार्यवाहक प्रधानाचार्यों को अब मिलेगा पूर्ण प्रधानाचार्य का वेतन।
पांच वर्ष का अनुभव होना वेतन के लिए अनिवार्य।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद शासन ने बदले नियम।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। परिषदीय विद्यालयों में प्रधानाचार्य का पद खाली होने पर कार्यवाहक प्रधानाचार्य की जिम्मेदारी संभाल रहे शिक्षकों को अब पांच वर्ष का अनुभव होने पर प्रधानाचार्य के पद के अनुसार वेतन मिल सकेगा।
इसके लिए संबंधित शिक्षक का पांच वर्ष का अनुभव और कार्यवाहक प्रधानाचार्य के रूप में काम करने की पुष्टि जरूरी होगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी इसकी जांच करेंगे। हाई कोर्ट के आदेश के बाद शासन ने इस संबंध में 16 जुलाई को जारी पुराने आदेश में बदलाव किया है।
यह मामला त्रिपुरारी दुबे व अन्य की विशेष अपील से जुड़ा है। इस मामले में हाई कोर्ट ने 30 अप्रैल 2025 को आदेश दिया था। इसके बाद शासन ने 16 जुलाई को अपना आदेश जारी किया। हालांकि, मनीषा वर्मा व अन्य की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने पांच अक्टूबर को शासन को अपने आदेश पर दोबारा विचार करने को कहा था।
प्रधानाचार्य के पद का मिलेगा वेतन
कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया था कि आदेश में सुधार नहीं होने पर संबंधित अधिकारी को 22 अक्टूबर को न्यायालय में उपस्थित होना होगा। इसके बाद शासन ने 16 जुलाई के आदेश के प्रस्तर चार को हटाकर नया प्रविधान लागू किया है। अब जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों की जांच के बाद पात्र शिक्षकों को 30 अप्रैल 2025 के हाई कोर्ट के आदेश के आधार पर प्रधानाचार्य के पद का वेतन दिलाया जाएगा।
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बुधवार को अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को इस बारे में निर्देश जारी किए हैं। उन्हें पात्र शिक्षकों के अनुभव और उनके कार्य की जांच कर नियमानुसार प्रधानाचार्य के पद का वेतन दिलाना सुनिश्चित करना होगा।
