विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

UP में रक्षा औद्योगिक गलियारे का होगा विस्तार, 20 हजार हेक्टेयर भूमि की तलाश जारी

Published: Sun, 13 Sep 2026 01:00 PM (IST)

उत्तर प्रदेश में रक्षा औद्योगिक गलियारे के विस्तार हेतु यूपीडा 20 हजार हेक्टेयर भूमि की तलाश में है, जिससे परियोजना ...और पढ़ें

विस्तार के लिए यूपीडा को चाहिए 20 हजार हेक्टेयर भूमि। सांकेतिक तस्वीर

विस्तार के लिए यूपीडा को चाहिए 20 हजार हेक्टेयर भूमि। सांकेतिक तस्वीर

HighLights

  1. रक्षा गलियारे के विस्तार हेतु 20 हजार हेक्टेयर भूमि की तलाश।

  2. अब तक 13,500 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आया।

  3. कानपुर और लखनऊ नोड में उत्पादन शुरू, ब्रह्मोस मिसाइलें बन रहीं।

मनोज त्रिपाठी, लखनऊ। प्रदेश को रक्षा उपकरणों के निर्माण का हब बनाने के लिए राज्य में स्थापित किए जा रहे रक्षा औद्योगिक गलियारा (यूपीडीआइसी) का विस्तार किया जाएगा। इसके लिए उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने करीब 20 हजार हेक्टेयर भूमि की तलाश तेज कर दी है। संबंधित जिलों में भूमि की उपलब्धता न होने के कारण रक्षा औद्योगिक गलियारे के विस्तार की परियोजना फिलहाल लेट हो रही है। इस संदर्भ में यूपीडा ने संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को जल्द से जल्द भूमि उपलब्ध कराने को कहा है।

सरकार ने रक्षा के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश को अग्रणी राज्य बनाने के लिए 11 अगस्त वर्ष 2018 को अलीगढ़ में आयोजित एक कार्यक्रम में रक्षा औद्योगिक गलियारा परियोजना की शुरूआत की थी। इसके तहत राज्य में 2230 हेक्टेयर भूमि पर रक्षा औद्योगिक गलियारे के छह नोड की स्थापना की जा रही है।

यह नोड लखनऊ में 162 हेक्टेयर भूमि, कानपुर नोड में 217 हेक्टेयर, चित्रकूट में 550, अलीगढ़ में 92, आगरा में 122 व झांसी में 1086 हेक्टेयर भूमि में स्थापित किए जा रहे हैं। कानपुर नोड में अडानी डिफेंस सिस्टम्स एंड टेक्नोलाजीज लिमिटेड ने 1500 करोड़ रुपये की लागत से गोला-बारूद का निर्माण शुरू कर दिया है।

वहीं ए आर पालीमर प्राइवेट लिमिटेड ने बैलेस्टिक सामग्री का निर्माण शुरू कर दिया है। आधुनिक मैटेरियल्स एंड साइंसेज प्राइवेट लिमिटेड रक्षा वस्त्रों का निर्माण कर रही है। इसी प्रकार लखनऊ नोड में ब्रह्मोस एयरो स्पेस (डीआरडीओ) ने ब्रह्मोस मिसाइलों का निर्माण शुरू कर दिया है। एयरोलाय टेक्नोलाजीज लिमिटेड ने टाइटेनियम कास्टिंग और एयरो स्पेस के पुर्जों का निर्माण शुरू किया है।

अलीगढ़ नोड में एमीटेक इल्केट्रानिक्स लिमिटेड ने इलेक्ट्रानिक्स वारफेयर सिस्टम व उपग्रह तकनीक पर काम शुरू किया है। चित्रकूट व झांसी में बड़े निवेश आ रहे हैं, लेकिन आगरा में पर्यावरण के मामले को लेकर यह परियोजना सिरे नहीं चढ़ पा रही है।

यह भी पढ़ें- मुफ्त के भोजन ने बदला बंदरों का मिजाज, गोरखपुर में इंसानी बस्तियों की ओर क्यों बढ़ रहा आतंक?

फिलहाल अभी तक सभी छह नोड में 13,500 करोड़ रुपये का निवेश आ चुका है। साथ ही 60 से अधिक कंपनियों ने रक्षा के क्षेत्र में निवेश के लिए प्रस्ताव दिए हैं। उत्तर प्रदेश में पिछले वर्ष करीब 13 हजार करोड़ रुपये के रक्षा उत्पादों का निर्माण किया गया है।

यह भी पढ़ें- गोरखपुर में बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ पड़ा भारी, एसडी पब्लिक स्कूल के ड्राइवर का लाइसेंस होगा रद