गोरखपुर में बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ पड़ा भारी, एसडी पब्लिक स्कूल के ड्राइवर का लाइसेंस होगा रद
गोरखपुर में एसडी पब्लिक स्कूल के बस चालक का ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किया जाएगा, क्योंकि परिवहन विभाग ने अनफिट स्कूल ...और पढ़ें

14 से 19 तक स्कूल वाहनों के खिलाफ चलेगा मिशन सेफ फ्यूचर अभियान। जागरण
HighLights
एसडी पब्लिक स्कूल बस चालक का लाइसेंस निलंबित होगा।
गोरखपुर में 271 अनफिट स्कूल वाहन अभी भी चल रहे हैं।
14 से 19 सितंबर तक 'मिशन सेफ फ्यूचर' अभियान चलेगा।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। एसडी पब्लिक स्कूल के बस चालक का ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित होगा। परिवहन विभाग ने निलंबन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। स्कूल प्रबंधन को बसों में प्रशिक्षित चालक और परिचारक रखना अनिवार्य होगा।अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इसको लेकर अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधन को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिया है।
परिवहन विभाग में जिले के 2532 स्कूल वाहन पंजीकृत हैं। अभी भी 271 अनफिट स्कूल वाहन बच्चों को लेकर फर्राटा भर रहे हैं। हालांकि, परिवहन विभाग ने 205 अनफिट स्कूल वाहनों का पंजीयन निलंबित कर दिया है। नोटिस जारी कर स्कूल प्रबंधन को चेतावनी दी है कि 20 दिन के अंदर फिटनेस जांच कराकर प्रमाण पत्र हासिल नहीं किया तो पंजीयन निरस्त कर दिया जाएगा। अब सड़क पर अनफिट स्कूल वाहन पकड़े गए तो मौके पर ही कार्रवाई सुनिश्चित कर दी जाएगी।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) अरुण कुमार ने बताया कि अनफिट स्कूल वाहनों के खिलाफ 14 से 19 सितंबर तक मिशन सेफ अभियान 3.0 चलाया जाएगा। इस दौरान स्कूल वाहनों के चालकों और परिचारकों का परीक्षण होगा। अनियमितता पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। स्कूल वाहनों की शत-प्रतिशत फिटनेस एवं परमिट सुनिश्चित कराने तथा विद्यालय परिवहन सुरक्षा मानकों के प्रभावी अनुपालन कराए जाने के लिए ''''मिशन सेफ फ्यूचर'''' अभियान चलाया जा रहा है।
फिटनेस वैधता समाप्त होने के बाद भी वाहनों का संचालन हो रहा है। ऐसे 205 स्कूलों का पंजीयन निलंबित कर सभी स्कूल वाहनों का फिटनेस जांच कराने के लिए संबंधित विद्यालय प्रबंधक/प्रधानाचार्य को नोटिस जारी किया गया है। इसके पूर्व भी नोटिस जारी किया गया था, लेकिन विद्यालय के प्रबंधक और प्रधानाचार्य फिटनेस को लेकर उदासीन बने हुए हैं।
फिटनेस के लिए इन बिंदुओं की होती है जांच
ब्रेक, हार्न, वाइपर, इंडिकेटर, साफ-सफाई, प्रदूषण, स्टेयरिंग, लाइट, ढांचा (लंबाई व चौड़ाई), वाहन चलने लायक है कि नहीं, शाकर, चेसिस, बाडी, इंजन, स्पीडोमीटर, गेयर, टायर, शीशा, इलेक्ट्रिकल (वायरिंग), डेंट-पेंट, नंबर प्लेट, परवर्ती टेप, टैक्स और बीमा आदि।
स्कूल वाहनों के लिए सुरक्षा से संबंधित मानक
- बस में अग्निशमन यंत्र और फर्स्ट एड बाक्स अनिवार्य।
- बस में बैग और बोतल रखने के लिए प्रर्याप्त जगह।
- बस में प्रशिक्षित चालक के साथ सहायक भी अनिवार्य।
- 40 किमी प्रति घंटा से अधिक रफ्तार से नहीं चलेंगे वाहन।
- खिड़कियां ऐसी होनी चाहिए कि बच्चे सिर न निकाल सकें।
- विषम परिस्थिति के लिए दो आपातकाल गेट अनिवार्य।
- वाहन में प्रेशर हार्न और टोनल साउंड पर पूरी तरह रोक।
- प्रत्येक तीन माह पर चेक होंगे सीएनजी स्कूल वाहन।
- अधिकतम आयु 15 वर्ष होगी, हर साल होगी फिटनेस जांच।
- पावदान की ऊंचाई एक फिट से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- वाहन पर स्कूल का नाम व अधिकृत मोबाइल नंबर अनिवार्य।
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