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दादी-बाबा देखते रह गए और छूट गया भाई का हाथ... गोरखपुर में स्कूल बस से कुचलकर मासूम हिमांशु की मौत

Published: Sun, 13 Sep 2026 10:16 AM (GMT+05:30)

पिपराइच, गोरखपुर में स्कूल बस की चपेट में आने से कक्षा एक के छात्र हिमांशु की दर्दनाक मौत हो गई। ...और पढ़ें

राते बिलखते परिजन व मृतक बच्चे की फाइल फोटो। जागरण

राते बिलखते परिजन व मृतक बच्चे की फाइल फोटो। जागरण

HighLights

  1. कक्षा एक के छात्र हिमांशु की स्कूल बस से कुचलकर मौत।

  2. हादसा पिपराइच, गोरखपुर में परिवार की आँखों के सामने हुआ।

  3. पुलिस स्कूल बस संचालन और सुरक्षा मानकों की जांच कर रही है।

संवाद सूत्र, पिपराइच, गोरखपुर। शनिवार की सुबह हर दिन जैसी ही थी। घर में बच्चे को स्कूल भेजने की तैयारी थी। मां सोनी देवी ने अपने इकलौते बेटे हिमांशु के लिए नाश्ता बनाया था। दादी बासमती देवी और बाबा स्वामीनाथ निषाद भी उसे स्कूल बस तक छोड़ने के लिए घर के बाहर मौजूद थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही पलों बाद इसी घर का चिराग बुझ जाएगा।

बस के पास पहुंचते ही हिमांशु का चचेरा भाई जयदीप उसका हाथ थामे था। दोनों बच्चों की स्कूल जाने की तैयारी थी। लेकिन कुछ सेकेंड में हाथ छूटा और परिवार की आंखों के सामने हिमांशु हमेशा के लिए चला गया।

हिमांशु कक्षा एक में पढ़ता था। उसके साथ परिवार के दूसरे बच्चे भी स्कूल जाते थे। दादी रोज की तरह बच्चों को बस तक छोड़ने पहुंची थीं। जयदीप पहले बस में चढ़ गया। हिमांशु भी उसके पीछे बढ़ा। परिवार के मुताबिक इसी दौरान उसका हाथ छूट गया और वह सड़क किनारे रखे ईंटों के चट्टे से टकराकर बस के पिछले पहिये की चपेट में आ गया।

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जयदीप ने जब यह घटना अपनी आंखों से देखी तो वह फूट-फूटकर रोने लगा। परिवार के लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही घर की सुबह चीख-पुकार में बदल गई। मां सोनी देवी की आंखों के सामने बेटे के साथ हादसा हुआ। कुछ देर पहले तक जिस बच्चे को वह स्कूल भेजने के लिए तैयार कर रही थीं, वही निर्जीव हालत में सामने पड़ा था। आसपास के लोगों ने परिवार को संभाला और हिमांशु को लेकर सीएचसी पिपराइच पहुंचे।

डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घर में नौ माह की छोटी बेटी हिमांशी भी थी। वह मां की गोद में थी। मां सोनी देवी का रो-रोकर बुरा हाल था। परिवार की महिलाएं उन्हें संभालने का प्रयास करती रहीं, लेकिन बेटे को खोने का दर्द किसी तरह कम नहीं हो रहा था।

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चचेरी बहन भी रोते-रोते पुलिसकर्मी से लिपटी
हिमांशु की चचेरी बहन जान्हवी कक्षा तीन में पढ़ती है। घटना के बाद वह भी बेहद विचलित थी। शिक्षिका की कथित टिप्पणी से नाराज जान्हवी उपनिरीक्षक दीपका से लिपटकर रोने लगी। उसके आंसू और बार-बार भाई को याद करना मौके पर मौजूद लोगों को भी भावुक कर गया। परिवार के लिए यह हादसा केवल एक बच्चे की मौत नहीं, बल्कि भविष्य की सारी उम्मीदों के अचानक खत्म हो जाने जैसा था। हिमांशु घर का इकलौता बेटा था। उसकी पढ़ाई और भविष्य को लेकर परिवार ने कई सपने संजोए थे।

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रोज चार बच्चे चढ़ते थे बस में
हिमांशु की बड़ी मां सलहन्ती देवी ने बताया कि उनके दरवाजे से रोज चार बच्चे स्कूल बस में बैठते थे। उनका कहना है कि बस को बच्चों के चढ़ने के लिए पर्याप्त समय देना चाहिए था। उनके अनुसार, अगर वाहन कुछ मिनट रुक जाता तो शायद यह हादसा नहीं होता। सलहन्ती देवी ने बताया कि परिवार के दो सदस्य मुंबई में पेंट-पालिश का काम करते हैं। हादसे की जानकारी मिलने के बाद वे मुंबई से गांव के लिए रवाना हो गए।

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स्कूल प्रबंधक का भाई चलाता था बस :
हादसे की सूचना के बाद रजही, चौरी और आसपास के कई स्कूल भी बंद रहे। एसडी पब्लिक स्कूल के प्रबंधक संतोष पाल ने बताया कि गाड़ी स्कूल के नाम से संचालित है। वाहन पर मोबाइल नंबर भी लिखा है। उनके अनुसार गाड़ी करीब एक वर्ष पहले ली गई थी और उनका भाई इसे चलाता था। रानी मिश्रा को उन्होंने कार्यवाहक प्रधानाध्यापक बताया। प्रशासन और पुलिस अब हादसे के साथ स्कूल वाहन के संचालन, चालक और स्टाफ की भूमिका तथा सुरक्षा मानकों की भी जांच कर रही है।

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