यूपी के मुख्य चुनाव अधिकारी ने आक्रामक भाषा को लेकर माफी मांगी, कहा- आगे से संवाद शालीन होगा
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने मतदाता सूची में गड़बड़ी पर अपनी पिछली टिप्पणी के लिए 'एक्स' पर माफी मांगी है।

उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली/लखनऊ। उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची में बीते दिनों अजीबोगरीब और विवादित नाम पर स्पष्टीकरण देने के बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने अब माफी मांगी है।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉम एक्स पर पोस्ट कर लोगों से माफी मांगी।
सीईओ ने माना कि उनके द्वारा किए गए पोस्ट में टिप्पणियों का अंदाज सही नहीं था। कहा कि आगे से शालीन भाषा में संचार होगा।
उन्होंने एक्स पर लिखा, 'इस हैंडल के उद्धृत पोस्ट में टिप्पणियों की भाषा के स्तर और भाव और इनकी तीखी प्रकृति इस आधिकारिक हैंडल से अपेक्षित संचार की प्रकृति के अनुरूप नहीं है। पोस्ट में टिप्पणियों से उत्पन्न वास्तविक आक्रोश को अच्छी तरह से नोट किया गया है। हम इससे अचंभित और नाराज़ लोगों से ईमानदारी से माफी मांगते हैं। अब से हमारा संचार शालीन और औपचारिक होगा।'
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इस हैंडल के उद्धृत पोस्ट में टिप्पणियों की भाषा के स्तर और भाव और इनकी तीखी प्रकृति इस आधिकारिक हैंडल से अपेक्षित संचार की प्रकृति के अनुरूप नहीं है। पोस्ट में टिप्पणियों से उत्पन्न वास्तविक आक्रोश को अच्छी तरह से नोट किया गया है। हम इससे अचंभित और नाराज़ लोगों से ईमानदारी से माफी मांगते हैं। अब से हमारा संचार शालीन और औपचारिक होगा।
— CEO Uttar Pradesh (@ceoup) October 27, 2026
क्या है पूरा मामला?
हाल ही में MLC चुनाव की वोटर विस्ट में कुछ नामों की प्रविष्टियों में गड़बड़ी पाई गई थी, जिसको लेकर सोशल मीडिया पर काफी बहस छिड़ गई थी। विपक्षी नेताओं ने भी इस पर सवाल खड़े करते हुए तकनीकी कमियों और डेटा एंट्री में हुई लापरवाहियों की ओर ध्यान आकर्षित किया था।
26 अक्टूबर को मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने वोटर लिस्ट में हुई गड़बड़ियों के लेकर स्पष्टीकरण जारी किया था। उन्होंने कहा था कि मतदाता सूची में ‘राम ने शर्मा को मारा’ जैसा नाम भी दर्ज है। यदि राम ने किसी अल्पसंख्यक को मारा होता तो निर्वाचन आयोग पर जातिवाद के साथ सांप्रदायिकता का भी आरोप लगता।
हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी गलतियों के कारणों की जांच की जा रही है और उनकी पुनरावृत्ति रोकने के लिए उचित कार्रवाई की जाएगी। सीईओ ने व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए कहा था कि कंप्यूटर और सॉफ्टवेयर जातिवादी नहीं होते।
