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इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी एरिया में बहुमंजिला इमारतों को लेकर नया नियम लागू, योगी सरकार ने दी बड़ी सौगात

Published: Sat, 10 Oct 2026 12:24 AM (IST)

उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने औद्योगिक विकास प्राधिकरणों में मॉडल भवन विनियम-2026 को मंजूरी दी है। इससे भवन निर्माण प्रक्रिया सरल होगी और राज्य में निजी निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

HighLights

  1. सड़कों की चौड़ाई के अनुसार एफएआर में परिवर्तन, भूमि का बेहतर उपयोग।

  2. औद्योगिक विकास प्राधिकरणों में वर्टिकल निर्माण को बढ़ावा, निवेश आकर्षित होगा।

  3. छोटे भूखंडों पर भवन निर्माण हेतु स्व-प्रमाणीकरण की सुविधा उपलब्ध।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। राज्य के औद्योगिक विकास प्राधिकारणों के क्षेत्र में भवनों के निर्माण के लिए नियमावली तैयार कर ली गई है। इस संदर्भ में कैबिनेट की बैठक में उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास प्राधिकरणों में माडल भवन विनियम-2026 लागू करने की मंजूरी दे दी गई है। इससे संबंधित औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के क्षेत्र में भवन निर्माण और भूखंडों के मानचित्रों की स्वीकृति प्रक्रिया सरल होगी।

औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’ ने बताया कि नए विनियमों से भूमि का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने और निवेश के अनुकूल वातावरण तैयार करने पर जोर दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि माडल भवन विनियम तैयार करने के लिए उत्तर प्रदेश के साथ गुजरात, दिल्ली, महाराष्ट्र, ओडिशा और तमिलनाडु के भवन नियमों का तुलनात्मक अध्ययन किया गया।

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इसके आधार पर औद्योगिक विकास प्राधिकरणों की आवश्यकताओं के अनुरूप व्यवस्था तैयार की गई है। नई व्यवस्था से विनिर्माण, पर्यटन, सूचना प्रौद्योगिकी, माल परिवहन, स्वास्थ्य, शिक्षा और रियल एस्टेट क्षेत्रों में निजी निवेश को प्रोत्साहन मिलने की संभावना है। मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया आसान होने से निवेशकों, उद्यमियों और आम नागरिकों को सहूलियत मिलेगी।

यह हैं खास बातें

  • सड़कों की चौड़ाई के हिसाब से एफएआर (फ्लेर एरिया रेशियो) परिवर्तित किया जा सकेगा।
  • औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के क्षेत्र में वर्टिकल निर्माण को बढ़ावा दिया जाएगा।
  • फ्लैटेड फैक्ट्री को बढ़ावा दिया जाएगा।
  • अधिकतम 100 वर्गमीटर तक के आवासीय भूखंडों, अधिकतम 30 वर्ग मीटर तक के वाणिज्यिक भूखंडों व 15 मीटर की ऊंचाई वाले भवन के निर्माण के लिए एक रुपये पंजीकरण शुल्क देकर स्व-प्रमाणीकरण की सुविधा मिलेगी।
  • 45 मीटर से अधिक चौड़ी सड़कों पर एफएआर की अधिकतम सीमा निर्धारित नहीं की गयी है।
  • चार एकड़ या उससे अधिक क्षेत्रफल वाले औद्योगिक भूखंडों पर श्रमिकों के लिए डारमेट्री की सुविधा का प्रविधान किया गया है।
  • ग्रुप हाउसिंग के लिए न्यूनतम भूखंड आकार 2000 वर्गमीटर निर्धारित किया गया है।
  • 12 मीटर या उससे अधिक चौड़ी सड़कों पर वाणिज्यिक भवनों की अनुमति दी जाएगी।
  • 20 कमरों तक के होटलों के लिए न्यूनतम भूखंड के आकार में छूट। बड़े होटलों के लिए न्यूनतम 500 वर्गमीटर का भूखंड जरूरी।
  • 30 मीटर या उससे अधिक चौड़ी सड़कों के किनारे मिश्रित उपयोग विकास को अनुमति दी जाएगी।