विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

मिठाई, मोमोज और चटनी में केमिकल रंग मिलाने पर रोक, यूपी में प्रतिबंधित रंगों के इस्तेमाल पर योगी सरकार सख्त

Published: Sun, 18 Oct 2026 08:34 PM (IST)

सरकार ने मिठाइयों, मोमोज और अन्य खाद्य पदार्थों में रोडामाइन-बी जैसे प्रतिबंधित रासायनिक रंगों के मनमाने इस्तेमाल पर सख्ती की है।

News Article Hero Image

HighLights

  1. मिठाइयों, मोमोज सहित खाद्य पदार्थों में प्रतिबंधित रंगों पर रोक।

  2. रोडामाइन-बी जैसे गैर-खाद्य रंगों के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध।

  3. रंगों की मात्रा मापने के लिए डिजिटल तराजू का उपयोग अनिवार्य।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। मिठाइयों, नमकीन, चटनी, मोमोज और अन्य खाद्य पदार्थों को आकर्षक रंग देने के लिए रासायनिक रंगों के मनमाने इस्तेमाल पर सरकार ने सख्ती की तैयारी की है। इस संदर्भ में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने खाद्य कारोबारियों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए है।

निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि खाद्य पदार्थों में केवल अनुमन्य रंगों का ही निर्धारित सीमा के भीतर इस्तेमाल किया जा सकेगा। रोडामाइन-बी समेत गैर-खाद्य रंगों के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक रहेगी।

खाद्य सामग्री बेचने वालों को निर्देश

आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन डाॅ. रोशन जैकब की ओर से जारी निर्देशों में हलवाई, खाद्य निर्माता, होटल-रेस्टोरेंट संचालक, बेकरी प्रतिष्ठान, ढाबे और रेहड़ी-पटरी पर खाद्य सामग्री बेचने वालों को नियमों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

निर्देशों का प्रचार व्यापार मंडलों और खाद्य कारोबारियों के संगठनों के माध्यम से भी कराया जाएगा। समोसे, चाट, मोमोज और रोल के साथ परोसी जाने वाली हरी-लाल चटनी में प्रतिबंधित रासायनिक रंगों के इस्तेमाल पर विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।

प्राकृतिक रंग और स्वाद प्राप्त करने की सलाह

कारोबारियों को टमाटर, चुकंदर, धनिया और पुदीना जैसी खाद्य सामग्री से प्राकृतिक रंग और स्वाद प्राप्त करने की सलाह दी गई है। कॉटन कैंडी यानी बुढ़िया के बाल और बर्फ के गोलों में रोडामाइन-बी जैसे गैर-खाद्य रंगों का इस्तेमाल प्रतिबंधित है। चिकन टिक्का, कबाब, चाप और तली हुई मछली को रंगने के लिए औद्योगिक डाई का इस्तेमाल भी नहीं किया जा सकेगा।

खाद्य पदार्थों में अनुमान के आधार पर रंग की मात्रा का इस्तेमाल करने की बजाय कारोबारियों को रंग की सही मात्रा मापने के लिए डिजिटल वेइंग स्केल का उपयोग करना होगा। खाद्य कारोबारियों को केवल अधिकृत स्रोतों से रंग खरीदने और उनकी पैकेजिंग, लेबल तथा आपूर्तिकर्ता के विवरण की जांच करने को कहा गया है। रंगों के खरीद बिल, इनवाइस और बैच नंबर सुरक्षित रखने अनिवार्य होंगे।

इन रंगों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध

एफएसडीए के निर्देशों में रोडामाइन-बी, मेटानिल येलो, बटर येलो, मैलाकाइट ग्रीन, आरामाइन और आरेंज-2 जैसे गैर-अनुमन्य रंगों के इस्तेमाल पर रोक स्पष्ट की गई है। साथ ही दूध, ताजे फल-सब्जियों, शिशु आहार, प्राकृतिक फलों के रस, पिसे मसालों, सादी ब्रेड, खाद्य तेल और कई अन्य खाद्य श्रेणियों में रंगों के इस्तेमाल पर लागू प्रतिबंधों का पालन करना होगा।

यह भी पढ़ें- चमकीली मिठाई पर चांदी का बर्क या मिलावट, जांचेगा कौन? हिमाचल में 3 महीने में 21 सैंपल फेल, गुणवत्ता पर उठे सवाल

यह भी पढ़ें- त्योहारों पर नया नियम लागू: अब मिठाई की ट्रे पर लिखनी होगी 'मैन्युफैक्चरिंग' और 'एक्सपायरी डेट'