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शहजाद भट्टी नेटवर्क की कड़ियां खंगालने उतरी UP ATS, नेपाल सीमा से लेकर पश्चिमी यूपी के 20 ठिकानों पर रेड

Published: Sun, 04 Oct 2026 12:38 AM (IST)

उत्तर प्रदेश एटीएस ने पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के नेटवर्क की डिजिटल कड़ियों की तलाश में पश्चिमी यूपी से नेपाल ...और पढ़ें

यह तस्वीर एआई के द्वारा बनाई गई है।

यह तस्वीर एआई के द्वारा बनाई गई है।

HighLights

  1. यूपी एटीएस ने शहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ 20 ठिकानों पर छापेमारी।

  2. पश्चिमी यूपी और नेपाल सीमा पर 20 ठिकानों पर एटीएस का सर्च।

  3. युवाओं से पूछताछ, डिजिटल उपकरण जब्त कर नेटवर्क की जांच जारी।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। पाकिस्तानी गैंग्सटर शहजाद भट्टी के नेटवर्क की डिजिटल कड़ियों की तलाश में उत्तर प्रदेश एटीएस ने शनिवार को एक साथ बड़ा आपरेशन चलाया। करीब 55 टीमों ने पश्चिमी उप्र से लेकर नेपाल सीमा से सटे जिलों तक 20 ठिकानों पर सर्च की। इस दौरान दो दर्जन से अधिक युवाओं से पूछताछ हुई। कई को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया, जबकि पश्चिमी उप्र के छह से अधिक युवाओं की काउंसलिंग कराई गई।

एटीएस को इन युवाओं के इंटरनेट मीडिया के अलग-अलग प्लेटफार्म के जरिये नेटवर्क से संपर्क में होने के इनपुट मिले थे। शनिवार की कार्रवाई में मुजफ्फरनगर, मेरठ, पीलीभीत, सीतापुर, बहराइच, श्रावस्ती और अलीगढ़ समेत उप्र के करीब 20 जिले शामिल रहे। नेपाल सीमा से सटे जिलों में भी संदिग्ध संपर्कों की पड़ताल की गई।

सर्च के दौरान मोबाइल फोन, लैपटॉप, अन्य डिजिटल उपकरण, पुस्तकें और इलेक्ट्रानिक उपकरण कब्जे में लिए गए। इनकी जांच से युवाओं के संपर्कों और नेटवर्क से जुड़ाव की प्रकृति सामने आने की संभावना है। एटीएस को पहले पकड़े गए संदिग्धों के मोबाइल फोन, वाट्सएप ग्रुप और दूसरे डिजिटल उपकरणों की जांच में नए संपर्क मिले थे। इन्हीं सुरागों के आधार पर साइबर टीम ने दो दर्जन से अधिक लोगों को चिह्नित कर उनकी गतिविधियों पर नजर रखी।

शनिवार को इन्हीं संपर्कों से जुड़े लोगों से पूछताछ की गई। शनिवार की तलाशी के दौरान किसी के पास संदिग्ध सामग्री मिलने की पुष्टि नहीं हुई है। पूछताछ का सिलसिला रविवार तक चलेगा। इसके बाद डिजिटल साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। एटीएस यह पता कर रहा है कि इस नेटवर्क को स्थानीय स्तर पर आर्थिक मदद, ठिकाने, संसाधन या अन्य लाजिस्टिक सहायता तो नहीं दी जा रही थी।

डिजिटल चैट, संपर्क नंबर और आर्थिक लेनदेन से जुड़े इनपुट खंगाले जा रहे हैं। केंद्र सरकार ने 16 सितंबर को शहजाद भट्टी नेटवर्क को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत आतंकवादी संगठन घोषित किया था। इसके बाद उत्तर प्रदेश में नेटवर्क के संभावित स्थानीय संपर्कों की जांच तेज हुई है।

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