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पूर्वांचल-बुंदेलखंड के 28 जिलों की बदलेगी तस्वीर, 1 लाख नए कारोबार शुरू करने का लक्ष्य, खर्च होंगे 2500 करोड़ रुपये

Published: Wed, 23 Sep 2026 04:53 AM (IST)

विश्व बैंक के सहयोग से पूर्वांचल और बुंदेलखंड के 28 जिलों में 2500 करोड़ रुपये की 'यूपी-एज' परियोजना शुरू होगी, ...और पढ़ें

यह तस्वीर एआई के द्वारा बनाई गई है।

यह तस्वीर एआई के द्वारा बनाई गई है।

HighLights

  1. विश्व बैंक के सहयोग से 2500 करोड़ की यूपी-एज परियोजना शुरू।

  2. पूर्वांचल और बुंदेलखंड के 28 जिलों में आर्थिक विकास का लक्ष्य।

  3. एक लाख नए कारोबार, महिला उद्यमियों को मिलेगा बढ़ावा, रोजगार सृजन।

राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ। पूर्वांचल के संसाधनों, कारोबारी संभावनाओं को निवेश, रोजगार और निर्यात के अवसरों में बदलने के लिए सरकार इनेबलिंग डिस्ट्रिक्ट लेड इकोनमिक ग्रोथ (यूपी-एज) परियोजना शुरू करने जा रही है। विश्व बैंक के सहयोग से प्रस्तावित पांच वर्ष की इस परियोजना पर 2500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्व बैंक के अधिकारियों के साथ परियोजना के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।

अब इसकी प्रारंभिक परियोजना रिपोर्ट (पीपीआर) केंद्र सरकार को भेजी जाएगी।यूपी-एज परियोजना पूर्वांचल के 28 जिलों के लिए तैयार की गई है। इसमें बुंदेलखंड के सात जिलों को भी शामिल किए जाने की संभावना है। राज्य की करीब 40 प्रतिशत आबादी पूर्वांचल में रहती है, जबकि राज्य की जीडीपी में इस क्षेत्र का योगदान 27.6 प्रतिशत है। यहां प्रति व्यक्ति आय राज्य के औसत से 45 प्रतिशत कम है।

करीब 80 प्रतिशत कामगार कृषि क्षेत्र से जुड़े हैं। इसे देखते हुए प्रत्येक जिले की जरूरत और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की कार्ययोजना तैयार की गई है। कार्ययोजना पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वांचल के विकास के लिए खेती के साथ उद्योग और सेवा क्षेत्र की भूमिका बढ़ानी होगी। स्थानीय उत्पादों को बेहतर डिजाइन और पैकेजिंग के साथ देश-विदेश के बाजारों तक पहुंचाकर निर्यात बढ़ाया जा सकता है।

एक जिला, एक उत्पाद (ओडीओपी) के उत्पादों को नए बाजारों से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। परियोजना के तहत करीब एक लाख नए कारोबार शुरू कराने और महिला उद्यमियों की भागीदारी बढ़ाने का प्रस्ताव है।पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, ई-कामर्स, डेटा सेंटर और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में भी नए अवसर तैयार किए जाएंगे।

वाराणसी, गोरखपुर और प्रयागराज में कौशल विकास व प्रशिक्षण को बढ़ावा दिया जाएगा। स्वास्थ्य क्षेत्र में मेडिसिटी और हेल्थ टूरिज्म की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के साथ करीब 10 हजार पालीहाउस बनाने का भी प्रस्ताव है। प्रत्येक जिले की जरूरत के अनुसार बड़े निवेश प्रस्ताव तैयार करने और स्थानीय प्रशासन की क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।

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