विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

बच्चों में बढ़ता मोटापा बढ़ा रहा बीमारियों का खतरा, यूनिसेफ के प्रतिनिधिमंडल ने दिए बचाव के सुझाव

Published: Mon, 02 Nov 2026 09:16 PM (IST)

यूनिसेफ ने बच्चों में बढ़ते मोटापे पर चिंता व्यक्त की है, जिसे बदलती खानपान की आदतों और शारीरिक गतिविधियों में कमी का परिणाम बताया गया है।

सोमवार को विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की अध्यक्षता में विधान सभा में यूनिसेफ, उत्तर प्रदेश कार्यालय तथा डा. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के सेंटर फार चाइल्ड राइट्स के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई

सोमवार को विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की अध्यक्षता में विधान सभा में यूनिसेफ, उत्तर प्रदेश कार्यालय तथा डा. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के सेंटर फार चाइल्ड राइट्स के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई

HighLights

  1. बच्चों में मोटापा गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बन रहा है।

  2. यूनिसेफ ने विधानसभा अध्यक्ष से रोकथाम पर चर्चा की।

  3. संतुलित खानपान, शारीरिक गतिविधि पर जोर दिया गया।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। बच्चों में बढ़ता मोटापा आने वाले समय में गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों का कारण बन सकता है। खानपान की बदलती आदतें, जंक फूड का बढ़ता चलन और शारीरिक गतिविधियों में कमी बच्चों को मोटापे की ओर धकेल रही है। यूनिसेफ के प्रदेश कार्यालय के प्रमुख डॉ. जकारी एडम ने सोमवार को विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना से मुलाकात कर इस चुनौती और इससे निपटने के उपायों पर चर्चा की।

विधानसभा में हुई बैठक में यूनिसेफ के प्रतिनिधियों और डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के सेंटर फार चाइल्ड राइट्स के सदस्यों ने बाल स्वास्थ्य, पोषण, मानसिक स्वास्थ्य, बाल अधिकारों और स्वस्थ जीवनशैली से जुड़े मुद्दे उठाए। प्रतिनिधिमंडल ने बाल्यावस्था में मोटापे को उभरती हुई गंभीर चुनौती बताते हुए इसके दूरगामी स्वास्थ्य प्रभावों की जानकारी दी।

बताया कि बचपन में मोटापे की समस्या आगे चलकर गैर-संचारी रोगों और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकती है। इसका असर बच्चों की शिक्षा, दैनिक जीवनशैली और भविष्य की संभावनाओं पर भी पड़ सकता है। खाद्य पदार्थों में वसा, नमक और चीनी की अधिक मात्रा व खानपान की बदलती आदतें इसके प्रमुख कारण हैं।

बैठक में महिला एवं बाल विकास संबंधी संयुक्त विधायी समिति की सभापति अंजुला माहौर और अन्य सदस्यों ने बाल स्वास्थ्य एवं पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और मोटापे की रोकथाम के लिए विधायी स्तर पर किए जा सकने वाले प्रयासों पर विचार किया।

बच्चों को संतुलित खानपान और नियमित शारीरिक गतिविधियों के लिए प्रेरित करने में परिवार, विद्यालय और समाज की भूमिका पर भी जोर दिया गया। महाना ने कहा कि स्वस्थ बचपन ही सशक्त समाज और विकसित उत्तर प्रदेश की आधारशिला है।

बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और अधिकारों की रक्षा के लिए सभी को मिलकर निरंतर प्रयास करने होंगे। बच्चों को स्वस्थ एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भूमिका के साथ प्रभावी सामूहिक प्रयास भी जरूरी हैं।

यह भी पढ़ें- यूपी में जेलों की सुरक्षा होगी और भी मजबूत, 676 इंसास राइफल खरीदेगी योगी सरकार

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।