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लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की कार्यदायी संस्था पीएनसी पर लगा तीन वर्ष का प्रतिबंध, 25 से फिर शुरु होगा संचालन

Published: Wed, 16 Sep 2026 01:26 PM (IST)

Action of NHAI: एनएचएआई ने लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे बनाने वाली कंपनी पीएनसी पर तीन वर्ष का प्रतिबंध लगा दिया।

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर हुआ मरम्मत कार्य- पीएनसी इंफ्रा

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर हुआ मरम्मत कार्य- पीएनसी इंफ्रा

HighLights

  1. एलिवेटेड रोड से कंक्रीट गिरने के बाद यह कार्रवाई

  2. सड़क की परतें उखड़ने के बाद अब गिरने लगा प्लास्टर

  3. बाराबंकी और बहराइच के छह लेन के प्रोजेक्ट पर पीएनसी करती रहेगी काम

जागरण संवाददाता, लखनऊ। उद्घाटन के चार दिन के बाद से घटिया निर्माण के कारण चर्चा में आए लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को लेकर बड़ा फैसला किया गया है। इस प्रोजेक्ट की कार्यदायी संस्था पीएनसी पर तीन वर्ष का प्रतिबंध लगाया गया है।

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की सड़क की परतें उखड़ने के बाद एलिवेटेड रोड का प्लास्टर गिरने का प्रकरण काफी गंभीर हो गया। इसके बाद ही पीएनसी पर तीन वर्ष का प्रतिबंध लगाया गया है। कानपुर से लखनऊ की ओर आ रहे वाहनों वाली लेन का संचालन बंद कर दिया गया था। अब 25 सितंबर से इनको शुरू किया जाएगा।

पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड व उसकी सहयोगी कंपनी अवध एक्सप्रेसवे को किसी भी प्रोजेक्ट के लिए बोली लगाने से तीन साल के लिए रोक दिया है। एनएचएआइ व पीएनसी के बीच हुए समझौते में यह सबसे बड़ी सजा मानी जा रही है। अब भविष्य के किसी भी एनएचएआइ के टेंडर में यह दोनों कंपनियां प्रतिबंध लगने के कारण बोली नहीं लगा पाएंगी।

कंपनी पर लगे इस प्रतिबंध का असर बाराबंकी और बहराइच के छह लेन के प्रोजेक्ट पर नहीं पड़ेगा। इसके साथ ही यह भी बताया गया है कि लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के कानपुर से बंद लेन से 25 सितंबर से वाहन चलेंगे।

एनएचएआई ने 11 सितंबर को एक्सप्रेसवे बनाने वाली कंपनियों पर प्रतिबंध लगाया था। 12 व 13 सितंबर को अवकाश होने के कारण पीएनसी रेगुलेटरी फाइलिंग के जरिए बाम्बे स्टाक एक्सचेंज (बीएसइ) को एनएचएआई से तीन वर्ष के प्रतिबंध के बारे में 14 सितंबर को जानकारी देने की बात सामने आ रही है। इसके बाद पीएनसी के शेयरों में भारी गिरावट जरूर बनी हुई है।

परफार्मेंस सिक्योरिटी के रूप में एनएचएआई के पास पीएनसी के 30 करोड़ रुपये जमा है। ऐसे में अगर सुधारात्मक कार्य से पीएनसी पीछे हटती है तो वह 30 करोड़ भी जब्त हो सकते हैं। यही नहीं प्रतिबंध लगने से कंपनी की रेटिंग प्रभावित हुई है और इससे भविष्य की एनएचएआई की परियोजनाओं पर प्रभाव पड़ेगा। एनएचएआई अफसरों ने बताया कि बाराबंकी से बहराइच के बीच शुरू हो रहे छह लेन का काम पीएनसी को मिला है, उस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का 13 जुलाई को लोकार्पण हुआ था। उसके तेरह दिन बाद यानी 26 जुलाई से एक्सप्रेसवे की ग्रीन फील्ड में खामियां निकलनी शुरू हो गई। सिलसिला अगस्त माह तक चला और सितंबर के प्रथम सप्ताह से एलिवेटेड रोड पर खामियां निकलने लगी। 4200 करोड़ के 63 किलोमीटर एक्सप्रेसवे पर तीस से अधिक बार छोटे व बड़ी समस्याएं आ चुकी हैं।

वर्तमान में कानपुर से लखनऊ आने वाली किलोमीटर संख्या 19.500 जो बंथरा के आजाद गेस्ट हाउस के सामने पड़ता है, वहां एलिवेटेड रोड से स्लैब का कंक्रीट गिर गया। स्लैब करीब तीन मीटर प्रभावित हो गई। इसके बाद एनएचएआई को कानपुर से लखनऊ की लेन बंद करनी पड़।

दो दिन चली पड़ताल के बाद अभियंताओं ने उस स्थानों को फिर से बनाने का निर्णय किया है, जहां से लखनऊ-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर कंक्रीट गिरा था। यहां 13 सितंबर की देर रात से रास्ता बंद है। 16 सितंबर की सुबह से यहां मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है।

परियोजना निदेशक नवरतन ने बताया कि जहां से कंक्रीट गिरी है, वहां एम 40 के स्थान पर हाई ग्रेड एम 55 मेगा पास्कल सीमेंट का उपयोग किया जाएगा। इससे चार से पांच दिन के भीतर एलिवेटेड रोड चलने लायक हो जाएगी। एपोक्सी रेजिन का प्रयोग भी तीन मीटर चौड़े व लंबे कंक्रीट वाले स्थान पर किया जाएगा।

यह एपोक्सी एक प्रकार का मजबूत और टिकाऊ सिंथेटिक लिक्विड पालीमर है। इसके प्रयोग से संबंधित तीन मीटर का क्षेत्र पत्थर जैसा सख्त हो जाता है। यहां के अधिकारियों के मुताबिक 25 सितंबर से कानपुर से लखनऊ की लेन खोल दी जाएगी और वाहनों का संचालन सामान्य कर दिया जाएगा। वहीं वर्तमान में सिर्फ एक लेन बंद है।

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे बनाने वाली कंपनी पीएनसी पर एनएचएआई ने तीन वर्ष का प्रतिबंध लगा दिया। इस प्रतिबंध के तहत कंपनी अब अगले तीन वर्ष तक NHAI और सड़क परिवहन मंत्रालय के नए प्रोजेक्ट्स के लिए बोली (Bid) नहीं लगा पाएगी।

दो दिन पहले एलिवेटेड रोड से कंक्रीट गिरने के बाद यह कार्रवाई की गई। इससे पहले टोल टैक्स की वसूली पर भी रोक लगाई गई थी। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे में आई कमियों के कारण पीएनसी की सब्सिडियरी (सहायक) कंपनी 'अवध एक्सप्रेसवे प्राइवेट लिमिटेड' पर भी तीन वर्ष के लिए प्रतिबंध लगाया था।

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का लोकार्पण 13 जुलाई 2026 को हुआ था। उद्घाटन के कुछ समय बाद ही बारिश के कारण सड़क धंसने और दरारें पड़ने के मामले सामने आए थे। बीते रविवार को एलिवेटेड रोड से मलबा गिरने के बाद से भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने संबंधित निर्माण एजेंसी को नोटिस जारी किया है और सुरक्षा कारणों से यातायात को रोक दिया था।

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