जूडो में गोल्ड जीतने वाली अस्मिता डे को सीएम योगी आदित्यनाथ ने दी बधाई, यूपी पुलिस में सब इंस्पेक्टर है डे
CWG 2026: अस्मिता ने गोल्ड मेडल उनको समर्पित किया, जिन्होंने उनका हर स्तर पर समर्थन किया। यूपी पुलिस में नौकरी देने के लिए योगी जी को भी धन्यवाद दिया।

अस्मिता डे ने ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों 2026 में महिलाओं के 48 किलोग्राम भारवर्ग की जूडो प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता।
HighLights
गोल्ड मेडल जीतकर अस्मिता बोलीं- योगी जी का बहुत-बहुत शुक्रिया
राष्ट्रमंडल खेलों 2026 में अपने करियर की अब तक की सबसे बड़ी सफलता
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस में उत्कृष्ट खिलाड़ी कोटा के तहत सब इंस्पेक्टर के पद पर चयनित त्रिपुरा की निवासी अस्मिता डे ने शुक्रवार को ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों 2026 में अपने करियर की अब तक की सबसे बड़ी सफलता हासिल की। भारतीय जूडोका अस्मिता डे ने जूडो की महिला 48 किग्रा स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता।
मूल रूप से त्रिपुरा की रहने वालीं अस्मिता डे की इस सफलता पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बधाई देने के साथ एक्स हैंडिल पर उनकी मेहनत को भी बयां किया। अस्मिता डे कड़े फाइनल मुकाबले में कनाडा की खिलाड़ी को हराया। मूलत: त्रिपुरा निवासी अस्मिता डे अब वाराणसी में बसीं हैं और गाजियाबाद में उत्तर प्रदेश पुलिस में सब इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं।
अस्मिता ने महिला 48 किग्रा जूडो के फाइनल में शानदार और संयमित प्रदर्शन किया। उन्होंने कड़े खिताबी मुकाबले में कनाडा की हेइडी क्वाच को 2-1 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। मैच के अहम पलों में अस्मिता ने खुद को शांत रखा और बेहतरीन रणनीति के साथ मजबूत डिफेंस का मुजाहिरा करते हुए जीत सुनिश्चित की। पूरे टूर्नामेंट में उनका दबदबा देखने को मिला।
वजन बनाए रखने के लिए रहना पड़ा भूखा
अस्मिता ने खिताबी मुकाबले से पहले रैंडम वेट-इन (वजन जांच) के संघर्ष को भी साझा किया। उन्होंने बताया कि उन्हें सुबह भूखा रहना पड़ा था। मैं ज्यादा कुछ नहीं खा सकती थी क्योंकि रैंडम वेट-इन में आपका वजन 50 किलो से कम होना चाहिए। जब मैं सुबह उठी, तो मेरा वजन 50 किलो 300 ग्राम था, इसलिए मैंने कुछ नहीं खाया। जब मेरा नाम रैंडम वेट-इन के लिए आया, तब जाकर मैंने औपचारिकता पूरी होने के बाद खाया-पिया और उसके एक घंटे बाद ही मेरी फाइट थी।
योगी जी के समर्थन से परिवार को मिला संबल
स्वर्ण पदक जीतने के तुरंत बाद अस्मिता ने कहा कि मैं इस गोल्ड मेडल से बहुत खुश हूं। यह उन सभी के लिए है जिन्होंने मेरा समर्थन किया। मैं योगी जी को भी धन्यवाद देना चाहती हूं क्योंकि उन्होंने मुझे यूपी पुलिस में नौकरी दी। उन्होंने कहा कि आज मैंने बस यही सोचा था कि 48 किलोग्राम वर्ग में मैं सर्वश्रेष्ठ हूं और मुझे अपने देश, खुद के लिए, अपने कोच, माता-पिता और रिश्तेदारों के लिए हर हाल में स्वर्ण जीतना है। यूपी पुलिस में नौकरी मिलने से मेरे परिवार को जो आर्थिक मदद मिली, उसी वजह से मैं यहां आकर गोल्ड मेडल जीतने में सफल रही।
इस स्वर्णिम जीत ने में भारत के पदकों की संख्या में इज़ाफा किया है और राष्ट्रमंडल स्तर पर जूडो में देश के निरंतर सुधार को भी रेखांकित किया है। अस्मिता की यह उपलब्धि भारतीय जूडो की वैश्विक प्रगति का प्रमाण है और यह आने वाली पीढ़ी के एथलीटों के लिए एक बड़ी प्रेरणा साबित होगी।
उप निरीक्षक सुश्री अस्मिता डे को हार्दिक बधाई
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिखा कि ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों 2026 में महिलाओं के 48 किलोग्राम भारवर्ग की जूडो प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक अर्जित कर वैश्विक पटल पर माँ भारती को गौरवभूषित करने वाली उत्तर प्रदेश में उप निरीक्षक सुश्री अस्मिता डे को हार्दिक बधाई। देश की बेटियों के अदम्य साहस, अनुशासन, संकल्प और परिश्रम की प्रेरक प्रतीक इस स्वर्णिम उपलब्धि पर प्रत्येक भारत वासी को गर्व है। अस्मिता डे की स्वर्णिम सफलता की यह यात्रा अविराम चलती रहे, यही मंगलकामना है।
उत्तर प्रदेश पुलिस भी गद-गद
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीतने पर उत्तर प्रदेश पुलिस की सब-इंस्पेक्टर अस्मिता डे को बधाई दी गई है। यह बहुत गर्व की बात है कि उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) के माध्यम से कांस्टेबल के पद पर भर्ती के बाद अब सब-इंस्पेक्टर के पद प्रोन्नत अस्मिता ने देश, प्रदेश और विभाग का मान बढ़ाया है। आपकी यह शानदार उपलब्धि हर उस खिलाड़ी के लिए प्रेरणा है जो आगे बढ़ना चाहता है। यह इस बात का बेहतरीन उदाहरण है कि हुनर, लगन और पक्के इरादे से कैसे कामयाबी हासिल की जा सकती है।
#CWG2026 में महिलाओं के 48 किलोग्राम भारवर्ग की जूडो प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक अर्जित कर वैश्विक पटल पर माँ भारती को गौरवभूषित करने वाली @Uppolice में उप निरीक्षक सुश्री अस्मिता डे को हार्दिक बधाई!
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) July 31, 2026
देश की बेटियों के अदम्य साहस, अनुशासन, संकल्प और परिश्रम की प्रेरक प्रतीक इस… pic.twitter.com/9TvmV5UtDX
