समाजवादी पार्टी राज्यसभा चुनाव में उतारेगी तीन प्रत्याशी, रामगोपाल व आलोक की दावेदारी की चर्चा
समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए तीन प्रत्याशी उतारने की तैयारी में है। पार्टी अपने ...और पढ़ें

HighLights
सपा उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों पर प्रत्याशी उतारेगी।
प्रो. रामगोपाल यादव और आलोक रंजन को फिर प्रत्याशी बनाया जा सकता है।
पार्टी तीसरे प्रत्याशी से पीडीए समीकरण का संदेश देना चाहती है।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए होने जा रहे चुनाव के लिए समाजवादी भी पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में जुट गई है। पार्टी के विधायकों का आंकड़ा भले ही थोड़ा कम हो, परंतु तीन सीटों पर प्रत्याशी उतारने की तैयारी है।
इनमें वर्तमान राज्यसभा सदस्य प्रो. रामगोपाल यादव और पिछले चुनाव में पार्टी के प्रत्याशी रहे पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन को फिर प्रत्याशी बनाया जा सकता है। जबकि तीसरे प्रत्याशी के सहारे सपा अपने पीडीए समीकरण का संदेश देने पर विचार कर रही है। साथ ही पिछले चुनाव में क्रास वोटिंग से लगे झटके से सबक सीखकर अपने विधायकों को सुरक्षित रखने के साथ सभी प्रत्याशी की जीत के लिए भी गुणा-भाग किया जा रहा है।
इस बार 37.9 प्रथम वरीयता मत की जरूरत
राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए इस बार 37.9 प्रथम वरीयता मत की जरूरत होगी। वर्तमान में सपा के विधायकों की संख्या 101 है, जबकि दो विधायक उसके गठबंधन की साथी कांग्रे़स के हैं। इससे आंकड़ा 103 पहुंचता है, परंतु सपा के विधायकों की संख्या में पूजा पाल सहित चार नाम ऐसे भी हैं, जिन्हाेंने पूर्व के चुनाव में भाजपा का साथ दिया था।
ऐसे में सपा दो प्रत्याशियों को अपने दम पर जिताने की स्थिति में है, लेकिन तीसरे प्रत्याशी के लिए उसे अतिरिक्त मतों की जरूरत पड़ेगी। इसके लिए पार्टी वर्ष 2024 के राज्यसभा चुनाव के अनुभव पर रणनीति बना रही है। उस चुनाव में सपा ने जया बच्चन, रामजी लाल सुमन और आलोक रंजन को उम्मीदवार बनाया था, परंतु कुछ विधायकों की क्रास वोटिंग से आलोक रंजन हार गए थे।
सूत्रों का कहना है कि सपा की नजर भाजपा और अन्य दलों के कुछ असंतुष्ट विधायकों पर है और वह इस बार तीसरी सीट भी जीतकर विधान सभा चुनाव से पहले बड़ा संदेश देने की कोशिश करेगी।
सपा की एक सीट बढ़ना तय
जिन 10 राज्यसभा सीटों पर चुनाव होना है, उनमें केवल एक पर वर्तमान में सपा के रामगोपाल यादव सदस्य हैं। सपा के संख्याबल के हिसाब से उसके दो प्रत्याशी आसानी से जीत सकते हैं, ऐसा होने पर राज्य सभा में उसकी एक सीट बढ़ना तय है।
