विधानसभा चुनाव से पहले यूपी-उत्तराखंड में 11 सीटों के लिए दंगल राज्यसभा से कौन-कौन हो रहा है सेवानिवृत्त
राज्यसभा की 11 सीटों (यूपी की 10, उत्तराखंड की 1) के लिए चुनाव की घोषणा हुई है, जिसके लिए नामांकन ...और पढ़ें

यूपी-उत्तराखंड में राज्यसभा की 11 सीटों पर चुनाव की घोषणा
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के विधानसभा चुनाव भले ही फरवरी-मार्च में प्रस्तावित है, लेकिन इससे पहले दोनों ही राज्यों में राज्यसभा की 11 सीटों पर चुनाव के एलान ने राजनीतिक सरगर्मी को बढ़ा दिया है। जिसके लिए नामांकन 29 सितंबर से शुरू होगा, वहीं चुनाव की स्थिति बनी तो मतदान 16 अक्टूबर को होगा। इनमें 11 सीटों में से दस सीटें अकेले उत्तर प्रदेश की और एक सीट उत्तराखंड की है।
यह सीटें केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, केंद्रीय राज्य मंत्री बीएल वर्मा, भाजपा नेता अरुण सिंह, राम गोपाल यादव व बसपा नेता रामजी जैसे नेताओं के कार्यकाल पूरा करने के बाद खाली हो रही है। माना जा रहा है कि सभी मंत्री वापस आएंगे।
चुनाव आयोग ने इसके साथ बंगाल से राज्यसभा सदस्य रुक्मिणी मलिक के इस्तीफे के चलते खाली हुई सीट पर भी बचे हुए कार्यकाल के लिए चुनाव कराने का ऐलान किया है, जो दो अप्रैल 2032 तक है। मौजूदा समय में उत्तर प्रदेश की इन दस सीटों में से आठ पर भाजपा व एक-एक सीट पर सपा और बसपा काबिज है।
आयोग ने इसके साथ उत्तर प्रदेश, बिहार, कर्नाटक व महाराष्ट्र में विधान परिषद की स्नातक व शिक्षक कोटे की सीटों के लिए भी चुनाव का ऐलान किया है।
इनमें उत्तर प्रदेश की 11, बिहार की आठ, महाराष्ट्र की पांच व कर्नाटक की चार सीटें शामिल है। इनके लिए नामांकन 29 सितंबर से शुरू होगा, जबकि मतदान 23 अक्टूबर का होगा। गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की जिन 11 सीटों के लिए चुनाव कराने का ऐलान किया है, उसका कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को खत्म हो रहा है।
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की दसवीं सीट के लिए कड़ा होगा मुकाबला
उत्तर प्रदेश विधानसभा के मौजूदा गणित को देखें तो राज्यसभा की दस सीटों पर होने वाले चुनाव में सात सीटों पर भाजपा खेमे की और दो पर विपक्ष की जीत स्पष्ट दिखाई दे रही है, जबकि दसवीं सीट के लिए दोनों ही खेमे में से किसी के पास स्पष्ट बहुमत न होने से मुकाबले के कड़े होने के उम्मीद है। आंकड़ों को देखते हुए उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की एक सीट पर जीत के लिए 37 विधायकों को मत चाहिए।
ऐसे में विधानसभा में भाजपा गठबंधन के पास विधायकों की कुल संख्या करीब 290 है, इससे वह सात सीटों पर स्पष्ट रूप से जीत दर्ज कर रही है, जबकि आठवीं सीट के लिए उसके पास सिर्फ 31 विधायक ही बच रहे है, यानी छह विधायक कम पड़ रहे है।
वहीं सपा गठबंधन के पास विधायकों की कुल संख्या करीब 103 है, ऐसे में दो सीटें पर उसकी जीत स्पष्ट है, लेकिन तीसरी सीट के लिए उसके पास सिर्फ 29 विधायक ही बचते है, यानी आठ विधायक कम है। वहीं बसपा के पास विधानसभा में एक भी विधायक न होने से वह मैदान से पूरी तरह से बाहर है।
राज्यसभा से कौन-कौन हो रहा है सेवानिवृत्त
उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के हो सदस्य सेवानिवृत्त रो रहे है, उनमें हरदीप सिंह पुरी, बीएल वर्मा, अरुण सिंह, डा दिनेश शर्मा ( अंडमान-निकोबार के उपराज्यपाल बनाए जाने के बाद इस्तीफे से रिक्त हुई ), नीरज शेखर, राम गोपाल यादव, बृजलाल, रामजी, गीता उर्फ चंद्रप्रभा और सीमा है, जबकि उत्तराखंड से नरेश बंसल शामिल है।
